
इसी बीच सामने आई दो महत्वपूर्ण वैज्ञानिक स्टडी ने संकेत दिया है कि छत्तीसगढ़ में मानसून का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि राज्य में कुल बारिश में कोई बड़ी कमी नहीं आई है, लेकिन उसका भौगोलिक वितरण और समय बदल रहा है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा 1971 से 2021 तक के 50 वर्षों के अध्ययन में पाया गया कि छत्तीसगढ़ की औसत वार्षिक वर्षा 1277.8 मिमी है और इसकी 80 से 85 प्रतिशत बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलती है।
अध्ययन में राज्य के 27 जिलों में से 14 जिलों में वर्षा बढ़ने और 13 जिलों में घटने का रुझान सामने आया है। शोध के अनुसार बस्तर पठार प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां औसत वार्षिक वर्षा 1488.7 मिमी दर्ज की गई। सुकमा में सर्वाधिक 1644.5 मिमी और दंतेवाड़ा में 1610.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ मैदान क्षेत्र में औसत वर्षा 1200.6 मिमी रही।
सुकमा, बेमेतरा में बढ़ी बारिश, बलरामपुर-सूरजपुर में घटी अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वर्षा की प्रवृत्तियों से जुड़ा है। सुकमा में बारिश प्रति वर्ष 5.41 मिमी की दर से बढ़ रही है, जबकि कोंडागांव और बेमेतरा में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके विपरीत जशपुर में वर्षा प्रति वर्ष 4.91 मिमी, बलरामपुर में 4.73 मिमी और सूरजपुर में 4.58 मिमी की दर से घट रही है।
जांजगीर-चांपा में भी मानसूनी वर्षा में कमी का संकेत मिला है। दूसरे अध्ययन में 1980 से 2020 तक के 40 वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि प्रदेश की करीब 87 प्रतिशत बारिश जून से सितंबर के बीच होती है, लेकिन जून और सितंबर की वर्षा सबसे अधिक अस्थिर होती जा रही है।
जून में वर्षा का परिवर्तनशीलता गुणांक 33.5 प्रतिशत और सितंबर में 30.6 प्रतिशत दर्ज किया गया। यानी मानसून के आगमन और वापसी का अनुमान पहले की तुलना में कठिन होता जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश घटने से भूजल पुनर्भरण और जलस्रोतों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं बस्तर और दक्षिणी जिलों में बढ़ती वर्षा बाढ़, जलभराव और मिट्टी कटाव जैसी नई चुनौतियां पैदा कर सकती है।
रायपुर में तेज आंधी-बारिश, दो फ्लाइट नागपुर डायवर्ट
राजधानी में गुरुवार को चली तेज हवाओं की वजह से विमान का आना-जाना भी प्रभावित हुआ। देर शाम दिल्ली और हैदराबाद की फ्लाइट को नागपुर डायवर्ट करना पड़ा। रात 11.30 बजे के बाद ही दोनों फ्लाइट वापस रायपुर पहुंच पाई।
एयर इंडिया की दिल्ली-रायपुर फ्लाइट (एआई1718) अपने तय समय में दिल्ली से शाम 5.55 को उड़ान भरकर रात में कीरब 8 बजे रायपुर पहुंच गई। लेकिन रायपुर एयरपोर्ट में तेज हवाओं की वजह से फ्लाइट लैंड नहीं कर पाई।
करीब 20 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के बाद पायलट फ्लाइट को नागपुर ले गया। इसी तरह इंडिगो एयरलाइंस की हैदराबाद-रायपुर फ्लाइट (6ई7248) हैदराबाद से शाम 6 बजे उड़ान भरकर 7.30 बजे के आसपास रायपुर पहुंची, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से एटीसी ने फ्लाइट को नागपुर डायवर्ट करने का आदेश दिया।