
भोपाल। प्रदेश भर में आज इंजीनियर दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभागीय मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण से लोक कल्याण" की अवधारणा के तहत अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने वाले इंजीनियरों को सम्मानित किया।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 2025 में स्थापित इन पुरस्कारों में इस वर्ष पांच श्रेणियों में इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों को सम्मानित किया गया।
मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार लोक निर्माण विभाग भोपाल के डिवीजन-2 के एसडीओ एच.एन. त्रिपाठी को यह दिया गया। श्री त्रिपाठी ने कोलार क्षेत्र में सिक्स लेन सड़क के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया है, जिससे करीब 3 लाख आबादी को गुणवत्तापूर्ण, चौड़ी पक्की सड़क मिली और ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली। इसके साथ ही एमपीआरडीसी भोपाल संभाग के प्रबंधक ईश्वर सिंह , जबलपुर के उप महाप्रबंधक मानवेन्द्र सिंह सेंगर और जबलपुर भवन के कार्यपालन यंत्री मनीष कुमार शर्मा को भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पुरस्का 4 निर्माण एजेंसियों के संचालकों अर्चित लाहोटी, अमन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल को उत्कृष्ट निर्माण कार्य के लिए यह पुरस्कार दिया । जबकि विक्रमादित्य पुरस्कार
ग्वालियर एमपीआरडीसी के राजेश दाहिमा, हर्षिता वाजपेई, शशांक शर्मा और दीपक नामदेव को प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती पर्यावरण हितैषी पुरस्कार साहिल तिवारी, महेंद्र डोलिया और पुष्कर को श सम्मानित किया । वहीं राजा भोज पुरस्कार शिवेन्द्र सिंह और रामपाल सिंह दिया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभाग के पहले सचिव रहे रिटायर्ड एस.सी. पांडेय और रिटायर्ड ईएनसी जी.एस. पंडेतकर को विशेष रूप से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव, ईएनसी आर.एल. वर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।