
भोपाल।नीम करौली बाबा की देवभूमि नैनीताल( भीमताल) में ज्योतिष संगोष्ठी आयोजित की गई। भारतीय वैदिक संस्कृति और ज्योतिष वास्तु विषय पर संपन्न संगोष्ठी में लोक निर्माण विभाग में सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर रहे अशोक शर्मा भी शामिल हुए।
संगोष्ठी में इंजीनियर शर्मा ने वैदिक ज्योतिष पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया। इस अवसर पर ज्योतिष इंटीग्रेटेड रिसर्च इंस्टीट्यूट( जिरी) के चेयरमैन डॉ डागर और आईफास के चेयरमैन डॉ अरुण बंसल ने इंजीनियर अशोक शर्मा को ʼʼदेवभूमि ज्योतिष गौरव सम्मान`` से अलंकृत किया ।
तीन तक चले सम्मेलन में वक्ताओं ने जन्मकुंडली में जन्म के समय को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माँ के गर्भ बच्चे के बाहर से निकलते ही उसकी पहली साँस अथवा नाल काटने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसी समय के आधार पर देते हुए जन्म कुंडली तैयार की जाए तो शत प्रतिशत नतीजे मिल सकते हैं।
संगोष्ठी में देश के सभी प्रदेश के वरिष्ठ और जाने माने मूर्धन्य विद्वानों ने आख्यान दिए। उन्होंने ज्योतिष की पारंगत विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन वास्तु शास्त्र का भी उल्लेख किया और फ्लैट की साइज़, उसकी राशि, उसके नक्षत्र, उसकी दिशा, वहाँ की मिट्टी, जल आदि के बारे में रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।
संगोष्ठी में शामिल विद्वानों ने मंच पर वास्तु पर किए गए अपने अनुसंधान पर और कार्यों को दिखाया। इस मौके पर रेकी, टेरोकार्ड, अंक ज्योतिसष केपी सिस्टम, नीरोलाजी जैसी ज्योतिष की विधाओं पर भी खुलकर चर्चा की गई।