
इसमें दोनों प्रधानमंत्रियों से कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके।
चिट्ठी में लिखा गया है कि लगातार तनाव से दोनों देशों के आम लोगों और खासकर युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं।
भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मीरवाइज उमर फारूक और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं।पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने इसका समर्थन किया है।
क्यों लिखा गया यह पत्र?
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।