
( संजय रायजादा )
भोपाल । लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के सख्त निर्देशों के बाद PWD में हड़कंप मच गया है। प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए 20 अगस्त को 7 मुख्य अभियंताओं की 7 टीमों ने एक साथ 7 जिलों - रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, खंडवा, शहडोल, शाजापुर और सागर* में दबिश दी और रेंडम 35 निर्माण कार्यों को चेक किया।
मंगलवार को MPRDC के एमडी भरत यादव ने VC के जरिए सभी रिपोर्टों की समीक्षा की तो कई जगह पोल खुल गई।
*शहडोल में सबसे बड़ी कार्रवाई*
समीक्षा के दौरान श्री यादव ने सरना से करकट रोड का काम घटिया मिलने पर *मेसर्स राम कंस्ट्रक्शन, जयसिंह नगर को ब्लैकलिस्ट* करने के निर्देश मुख्य अभियंता रीवा को दिए गए हैं।
वहीं गेरुई से जेमुनिहा सड़क पर *मेसर्स मनोज मिश्रा को 15 दिन का अल्टीमेटम* देने को कहा।
*सागर में इंजीनियर और ठेकेदार दोनों नपे*
श्री यादव ने बसाहरी पीएमजीएसवाई रोड से निवाड़ी रोड का काम लटका मिलने पर उपयंत्री और अनुविभागीय अधिकारी को नोटिस और *ठेकेदार मेसर्स हीरा कंस्ट्रक्शन, विदिशा को 15 दिन में काम पूरा करने* का फरमान सुनाया ।
उन्होंने भवन विंग में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, गढ़ोला जागीर और खुरई के भवन निर्माण में गड़बड़ी पर नामी *कंसल्टेंट टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को भी नोटिस* जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाकी 26 कार्यों में भी आंशिक सुधार के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में एमडी भरत यादव ने साफ कहा कि अधिकारी सीएम हेल्पलाइन और लोकपथ ऐप* की शिकायतों का 4 दिन में निराकरण करे वो भी सिर्फ कागज पर नहीं, शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ। उन्होंने बरसात में टूटी सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत *30 सितंबर तक* हर हाल में पूरी करने की हिदायत दी।
श्री यादव ने बाढ़ के दौरान पुलों पर विशेष सतर्क रहने, हर घटना *IRS सिस्टम* पर तुरंत अपडेट करने और आपदा कॉल *MPRDC हेल्पलाइन 1099* पर दर्ज कराने को कहा। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री खुद शिकायतों की ग्रेडिंग की समीक्षा करने की नसीहत भी दी। मुख्यमंत्री के नजदीक समझे जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के तेवर से साफ है कि सरकार अब गुणवत्ता से कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।