वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीन ईरान को मिसाइलों की सप्लाई कर रहा है और पाकिस्तान इसमें मदद कर रहा है ये बात उनके लिए 'हैरान करने वाला है।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार सप्लाई करता है तो उन्हें 'निराशा' होगी। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस वादे की याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा गया था कि बीजिंग तेहरान को हथियार नहीं बेचेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन देशों से होने वाले आयात पर 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी है जो तेहरान को हथियार सप्लाई करते हैं।दरअसल समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया है कि चीन कुछ ही हफ्तों में कंधे से दागी जाने वाली 'शोल्डर-फायर्ड एयर-डिफेंस मिसाइल लॉन्चर' की पहली खेप तेहरान भेजने वाला है। रॉयटर्स ने बताया है कि चीन कुल मिलाकर 400 मिसाइलों की खेप ईरान को सप्लाई करने जा रहा है। इस डील की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। इसीलिए अगर ये रिपोर्ट सही है तो आने वाले वक्त में पाकिस्तान पर टैरिफ भी लगाए जा सकते हैं।ईरान-चीन डील पर ट्रंप ने क्या कहा?
बुधवार को ट्रंप से उन खबरों के बारे में पूछा गया जिनमें कहा गया था कि ईरान को आने वाले हफ्तों में चीन में बनी 400 तक 'शोल्डर-फायर' मिसाइलें मिल सकती हैं। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा 'यह हैरानी की बात थी। मेरा मतलब है ऐसी चीजें होती हैं लेकिन यह हैरानी वाली बात होगी।' रॉयटर्स ने बताया है कि ईरान और चीन के बीच का ये डील करीब 6-7 अरब डॉलर का है। इससे ईरान को अमेरिकी फाइटर जेट्स पर हमला करने की क्षमता मिलेगी।ट्रंप ने वाइट हाउस में कहा 'उन्होंने (शी जिनपिंग) मुझसे बहुत सख्ती से कहा कि वह इसमें शामिल नहीं होंगे लेकिन उन्हें पता है कि मुझे काफी निराशा होगी। मुझे लगता है कि वह 24 सितंबर को यहां आ रहे हैं।' उन्होंने इस साल के आखिर में होने वाली बैठक के लिए शी जिनपिंग के अमेरिका आने की संभावना का जिक्र किया। ट्रंप ने पहले भी इस बात पर चिंता जताई है कि युद्ध के दौरान चीन ईरान को हथियार सप्लाई कर सकता है।
अप्रैल में उन्होंने कहा था कि शी जिनपिंग ने उन्हें पत्र लिखकर भरोसा दिलाया था कि बीजिंग तेहरान को हथियार नहीं भेज रहा है। ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक हालांकि चीन सीधे तौर पर ईरान को हथियार एक्सपोर्ट नहीं करता है लेकिन वह दोहरे इस्तेमाल वाली टेक्नोलॉजी जरूर सप्लाई करता है। चीन ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। एक बयान में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा 'इससे जुड़ी रिपोर्टें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। चीन ने हमेशा शांति को बढ़ावा देने और संघर्ष को खत्म करने में भूमिका निभाई है।'
पाकिस्तान कैसे हथियार पहुंचाने में कर रहा चीन की मदद?
रॉयटर्स की खुफिया और अंदरूनी सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया था कि ये हथियार पहले पश्चिमी चीन के उरुमकी से विमान से लाए जाएंगे और फिर पाकिस्तान के रास्ते ईरान भेजे जाएंगे। दावा किया गया है कि चीन से ईरान को जाने वाले लगभग 300 से 400 चीनी निर्मित मैनपैड्स पाकिस्तान के रास्ते या तो सड़क या हवाई मार्ग से ईरान पहुंचाए जाने की योजना है। लेकिन पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने इन सभी दावों को झूठा करार दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसका इस कथित हथियार आपूर्ति या ट्रांजिट रूट से कोई लेना-देना नहीं है