काठमांडू: नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भारतीय सीमा से आने वाले सामान पर सीमा शुल्क (भंसार) में छूट को पांच गुना बढ़ा दिया है। अब बॉर्डर पार से खरीद कर लाए जाने वाले सामान पर छूट की सीमा 500 रुपये कर दी गई है। इसके पहले बालेन शाह की सरकार आने के बाद यह छूट 100 रुपये कर दी गई थी। इसका मतलब था कि 100 रुपये से ज्यादा कीमत का सामान लाने पर भंसार शुल्क (कस्टम ड्यूटी) अदा करनी पड़ती थी। इस नियम का बॉर्डर पर रहने वाले लोगों की तरफ से विरोध हो रहा था।कस्टम ड्यूटी में छूट 5 गुना बढ़ाई
नेपाल के वित्त मंत्रालय ने इस बारे में संसोधित प्रावधान गैजेट में प्रकाशित किया है। इसके अनुसार, 500 रुपये तक की कीमत का निजी सामान लाने वाले यात्रियों को अब कस्टम ड्यूटी से छूट मिलेगी। बशर्ते वे अपनी खरीदारी को सही ठहरा सकें। इसमें आगे कहा गया है कि इस सीमा से ज्यादा कीमत वाले सामान या कमर्शियल उद्येश्य से लाए गए सामान पर मौजूदा कानूनों के तहत ड्यूटी लगती रहेगी।लामिछाने की भारत यात्रा के दौरान फैसला
खास बात है कि नेपाल की सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया है, जब देश की सत्ताधारी पार्टी RSP (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) के चीफ रवि लामिछाने भारत दौरे पर आए हुए हैं। रवि लामिछाने ने नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा वे भारत में सत्ताधारी बीजेपी के प्रमुख नितिन नवीन से मिलने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय भी पहुंचे। यहां लामिछाने का भव्य स्वागत हुआ था।
बालेन शाह का नेपाल में हो रहा था विरोध
इसके पहले बालेन शाह की सरकार ने 100 रुपये की समय तय करते समय कहा था कि इसका इस्तेमाल सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकना और घरेलू उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना था। बालेन शाह के इस कदम की भारतीय बॉर्डर से सटे तराई क्षेत्रों में भारी आलोचना हुई थी। इसका असर उन परिवारों पर सबसे ज्यादा पड़ा, जो घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों से बचने के लिए सीमा पार जाकर खरीदारी करते थे।बॉर्डर से लगे मधेश इलाके के लोगों का कहना था कि बालेन सरकार के नए नियम की वजह से रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो गई हैं। वहीं, नेपाल के व्यापारिक ने इस कदम का स्वागत किया था और इसे स्थानीय कारोबार को बचाने वाली नीति बताया था। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा पार खरीदारी लंबे समय से आम बात रही है। लेकिन हाल के दिनों में सीमा चौकियों पर 100 रुपये की सीमा को सख्ती से लागू किया जाने लगा था, जिससे यात्रियों और अधिकारियों के बीच विवाद होने लगा थे। 500 रुपये की नई सीमा से तनाव कम होने की उम्मीद लगाई जा रही है।