तस्करों ने सहारा रेगिस्तान में मरने के लिए छोड़ा, घाना से तपती रेत में जलते स्पेन पहुंचे, अब बेटा विश्व विजेता
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20-07-2026 01:39 PM
नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने निको विलियम्स को 74वें में मैदान पर उतारा। वह स्टार्टिंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। विंगर की भूमिका में खेलने वाले विलिम्स ने आते ही स्पेन के लिए कई चांस बनाए। उन्होंने एक गोल भी कर दिया लेकिन साथी खिलाड़ी के फाउल की वजह से वह गोल नहीं मिला। एक्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में बाहर जा रही बॉल को विलियम्स ने शानदार हेडर मारकर अपने साथी फेरान टोरेस को पास किया। टोरेस ने इसे गोल पोस्ट के अंदर डाल दिया। स्पेन ने अर्जेंटीना पर बढ़त बना ली और अंत में 1-0 से फीफा विश्व कप का फाइनल जीत लिया।
स्पेन की जीत के बाद सभी खिलाड़ियों को मेडल मिला। फाइनल का एकमात्र गोल असिस्ट करने वाले निको विलिम्स अपने मेडल लेकर स्टैंड्स में बैठी मां के पास पहुंचे। उन्होंने मां को अपना मेडल दे दिया, जिसे उन्होंने गले में पहन लिया। इसके बाद उनकी मां की खुशी का ठिकाना नहीं था।
निको विलिम्स के माता-पिता का स्ट्रगल
निको विलियम्स का जन्म स्पेन में हुआ है लेकिन वह घाना मूल के हैं। उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए मां मारिया और पिता फेलिक्स ने काफी स्ट्रगल किया है। 1993 में मारिया और फेलिक्स अपने देश घाना से यूरोप जाने के लिए निकले थे। उनका सपना था कि वे अपने परिवार के लिए बेहतर जिंदगी बना सकें। इसके लिए उन्होंने मानव तस्करों को एक हजार डॉलर भी दिया। सहारा रेगिस्तान को पार करने की कोशिश की। लेकिन यात्रा बेहद कठिन साबित हुई। रास्ते में उन्हें ट्रक से उतार दिया गया और उन्हें बिना भोजन और पानी के रेगिस्तान पार करना पड़ा।
स्पेन में वकील और पादरी ने मदद की
मारिया उस समय पहले बच्चे और निको के बड़े भाई इन्याकी को गर्भ में लिए हुए थीं। इसके बाद भी कई दिनों तक पैदल चलकर दोनों स्पेन के मेलिला एरिया में पहुंचे। वहां उनके पास लीगल डॉक्यूमेंट्स नहीं थे और इसी वजह से गिरफ्तार कर लिया गया। मारिया और फेलिक्स को वापस भेजने की तैयारी हो रही थी। उसी दौरान एक वकील ने उनकी मदद की। बताया जाता है कि वकील ने उन्हें सलाह दी कि वे खुद को घाना की बजाय लाइबेरिया का नागरिक बताएं। उस समय लाइबेरिया में गृहयुद्ध चल रहा था। इस वजह से मिल सकता था।
फेलिक्स के अनुसार तपती रेत पर लंबे समय तक चलने के कारण उनके पैरों के तलवों में आज भी दर्द रहता है। स्पेन में रहने की अनुमति मिलने के बाद निको के माता-पिता बास्क पहुंचे। वहां एक चर्च के पादरी ने उनकी मदद की। उस पादरी का नाम इनाकी था। अपने बड़े बेटे के जन्म के बाद कपल ने उसका नाम इनाकी रखा। 2002 में निको विलियम्स का जन्म हुआ। निको की तरह इनाकी भी फुटबॉलर हैं। दोनों भाई स्पेन के एक ही क्लब एथलेटिको बिल्बाओ का हिस्सा हैं।
फीफा विश्व कप में दोनों भाई खेले
निको विलियम्स के साथ ही इनाकी विलियम्स भी फीफा विश्व कप 2026 में खेले। इनाकी घाना की टीम का हिस्सा थे। 2016 में उन्होंने स्पेन के लिए डेब्यू किया था लेकिन ज्यादा मौके नहीं मिलने के बाद 2022 में घाना की तरफ से खेलने का फैसला किया। इनाकी एथलेटिको बिल्बाओ के लिए 510 मैच खेल चुके हैं और 114 गोल दागे हैं। वह 2014 से क्लब के साथ हैं। निको 2021 से क्लब के लिए खेल रहे हैं। 199 मैचों में उनके नाम 37 गोल हैं।
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