नई दिल्ली: वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में कीनिया के चार्ल्स मटाटा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने रविवार को 58 मिनट 52 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया कोर्स रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही पुरुष एलीट वर्ग का खिताब अपने नाम किया। वहीं, इथियोपिया की वुडिनेश अलेमु ने महिला एलीट वर्ग में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मटाटा ने वर्ष 2020 में इथियोपिया के अमेदेवोर्क वालेलेग्न के बनाए 58 मिनट 53 सेकंड के रिकॉर्ड को एक सेकंड से पीछे छोड़ दिया।इस उपलब्धि के लिए उन्हें विजेता की 27,000 डॉलर (करीब 25.64 लाख रुपये) की पुरस्कार राशि के अलावा रिकॉर्ड तोड़ने पर 12,000 डॉलर (करीब 11.40 लाख रुपये) अतिरिक्त मिलेंगे। दिलचस्प बात यह है कि मटाटा के जुड़वां भाई एलेक्स मटाटा ने वर्ष 2025 में 59 मिनट 50 सेकंड के समय के साथ यह खिताब जीता था।कीनिया ने किया दबदबा
पुरुष एलीट वर्ग में कीनिया के धावकों का दबदबा रहा। सैमवेल न्यामाई मेलू ने 59 मिनट 24 सेकंड के समय के साथ दूसरा, जबकि स्टेनली वाइथाका म्बुरू ने 59 मिनट 33 सेकंड में दौड़ पूरी कर तीसरा स्थान हासिल किया। महिला एलीट वर्ग में इथियोपिया की वुडिनेश अलेमु ने एक घंटा छह मिनट 35 सेकंड में दौड़ पूरी कर खिताब जीता। कीनिया की सेलाह बुसिनेई एक घंटा सात मिनट एक सेकंड के समय के साथ दूसरे और सिंथिया चेलंगाट चेपक्वोनी एक घंटा सात मिनट 32 सेकंड में दौड़ पूरी कर तीसरे स्थान पर रहीं।भारतीयों में शैलेश बने चैंपियन
शैलेश कुशवाहा ने भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में एक घंटा पांच मिनट पांच सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। गौरव माथुर एक घंटा पांच मिनट 11 सेकंड के साथ दूसरे और हेमंत कुमार एक घंटा पांच मिनट 37 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भारतीय महिला एलीट वर्ग में अंकिता ध्यानी ने एक घंटा 12 मिनट 46 सेकंड में दौड़ पूरी कर शीर्ष स्थान हासिल किया। सोनिया एक घंटा 14 मिनट 56 सेकंड के साथ दूसरे और भागीरथी एक घंटा 15 मिनट 51 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।चैंपियंस पर पैसों की बरसात
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में कुल 2,75,732 डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गई थी। पुरुष और महिला एलीट वर्ग के विजेताओं को 27,000-27,000 डॉलर दिये गये। भारतीय एलीट पुरुष और महिला वर्ग में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को क्रमशः 3.50 लाख, 2.50 लाख और 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी। विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर 40,000 से अधिक धावक उतरे। इस बार प्रतियोगिता का मार्ग बदला गया था। हाफ मैराथन और ओपन 10 किलोमीटर दौड़ सहित सभी प्रमुख स्पर्धाएं जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू हुईं और वहीं समाप्त हुईं।