कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने '₹370 की बिरयानी' वाले विवाद के बाद प्रणित मोरे की हो रही ट्रोलिंग पर बात की है। उन्होंने लोगों से इस मामले में शामिल लोगों को निशाना बनाना बंद करने और सोशल मीडिया यूजर्स से इस मामले को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की अपील की। जो लोग इस बारे में नहीं जानते, उन्हें बता दें कि यह विवाद प्रणित मोरे के हालिया स्टैंड-अप शो का एक वीडियो वायरल होने और उस पर ऑनलाइन काफी आलोचना होने के बाद शुरू हुआ था। इस क्लिप में, 23 साल के हिमांशु जांगड़ा ने कहा था कि उन्होंने एक डेट के दौरान चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर ₹370 खर्च किए थे और इसलिए उन्हें उस खर्च का 'रिटर्न' मिलने की उम्मीद थी।सोशल मीडिया पर उनके कमेंट पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और लोगों ने प्रणित और हिमांशु, दोनों की कड़ी आलोचना की। भारी विरोध के बाद, हिमांशु और प्रणित, दोनों ने वीडियो जारी कर माफी मांगी और कुछ समय के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिए। अब मुनव्वर ने सोशल मीडिया यूजर्स से इस विवाद को और न बढ़ाने की अपील की है।मुनव्वर ने प्रणित का दिया साथ!
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर करते हुए, कॉमेडियन ने माना कि घटना के दौरान किए गए कुछ कमेंट अनुचित थीं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसमें शामिल लोगों को पहले ही काफी सजा मिल चुकी है।
मुनव्वर ने लोगों से की अपील
मुनव्वर ने आगे कहा कि इस विवाद में शामिल लोगों को इसके परिणाम भुगतने ही पड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'एफआईआर हो गई, नौकरी चली गई, करियर खत्म हो गया, समाज में इज्जत चली गई, सब हो गया। उनके साथ उनकी बातों के लिए बहुत बुरा हुआ है, लेकिन अब रुक जाओ। कंटेंट के नाम पर जो उन्हें निचोड़ा जा रहा है, बस करो भाई।'
'जब किसी की लाश निकलेगी तो समझोगे'
बिग बॉस 16 के विनर ने सोशल मीडिया यूजर्स से ऑनलाइन अधिक जिम्मेदार बनने और लगातार आलोचना के व्यक्तिगत प्रभाव पर सोचने का आग्रह किया। उन्होंने अपने नोट को खत्म करते हुए कहा, 'उन लोगों ने जो बात बोली, उसका अंजाम उन्हें मिल गया। जब किसी की लाश निकलेगी ना, तब तुम्हें समझ आएगा। बस करो अब। हर चीज की एक सीमा होती है। कानूनी तौर पर जो होना होगा, हो जाएगा, पर तुम अब चुप हो जाओ।'हिमांशु की नौकरी गई, प्रणित के खिलाफ केस
इस विवाद के बाद हिमांशु को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी और उन्हें गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ा। वह स्टारविक डिजाइन में काम करते थे और कंपनी के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके यह फैसला सुनाया। इतना ही नहीं, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणित मोरे के खिलाफ मामला भी दर्ज किया। नेशनल कमीशन फॉर वुमन (NCW) ने विवादित टिप्पणियों के सिलसिले में प्रणित और हिमांशु को समन भेजा।