अबू धाबी: दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हमला करने और विमान गिराने की कोशिश करने वाले को-पायलट की पहचान के ओमान के हमामी अल-हमामी के रूप में की गई है। इसके साथ ही उसके चरमपंथी कनेक्शन के बारे में भी खुलासा हुआ है, जिसके चलते उसे ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बावजूद वह UAE की फ्लाईदुबई एयरलाइंस में नौकरी पाने में सफल रहा और विमान उड़ा रहा था।अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी नागरिक अल-हमामी ने अपना ज्यादातर ओमान के बाहर गुजारा था। इसमें एक लंबा हिस्सा सीरिया में भी बीता था। सीरिया में रहते हुए वह इस्लामिक कट्टरपंथी विचारों से जुड़ा था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार 29 साल के हमाम अल-हमामी को कट्टरपंथी विचारों के लिए ओमान की नेशनल एयरलाइंस ने बैन कर दिया था। हालांकि, बाद में उसे दूसरे डिपार्टमेंट में नौकरी दे दी गई।कौन है हमाम अलहमामी?
29 साल के अलहमामी के पास ओमानी नागरिकता है। ओमानी पिता और सीरियाई मांग की संतान अलहमामी का जन्म UAE में हुआ था और उसने कई साल वहां रहते हुए बिताए हैं। इजरायली आउटलेट यरुशलम की रिपोर्ट के अनुसार, हमाम अल-हमामी के पास दूसरी कोई नागरिकता नहीं है। अलहमामी ने फ्लाईदुबई के साथ सिर्फ 8 महीने काम किया था। इसके पहले वह रॉयल एयर मोरक्को के साथ काम कर चुका था।
सीरिया में रहकर कट्टरपंथ से जुड़ा
इजरायली चैनल 12 ने बताया कि अलहमामी अलकायदा के विचारों से प्रभावित था और इससे जुड़ने की प्रक्रिया में कई धार्मिक नेताओं से मिला था। सीरिया में रहते हुए उसका इस्लामिक कट्टरपंथ को लेकर रुझान बढ़ा। उसके पास मिले सामान में फ्री-फिलिस्तीन समूह के पर्चे के साथ ही फिलिस्तीन समर्थक सामग्री पाई गई है। वह सोशल मीडिया पर फिलिस्तीन के प्रति समर्थन और इजरायल को लेकर दुश्मनी दिखाता रहता था।इजरायली मीडिया रिपोर्ट में उसके तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के लिए मंजूरी मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि ओमान इजरायल को मान्यता नहीं देता है और न ही इजरायल के साथ राजनयिक संबंध हैं। ऐसे में उसे इजरायल जाने वाली फ्लाइट की उड़ान के लिए मंजूरी कैसे दी गई।
इजरायल में क्रैश कराने का इरादा
इजरायली मीडिया आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी को-पायलट का इरादा कॉकपिट पर कब्जा कर लेने के बाद विमान को इजरायल ले जाकर क्रैश कराने का इरादा था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने इस हमले के पीछे का मकसद सार्वजनिक नहीं किया है और न ही इससे जुड़ी जानकारियों की पुष्टि की है।