ईरान के 'यूक्रेन क‍िलर' शाहेद ड्रोन का खात्‍मा करेगा अमेरिकी 'ट‍िड्डी', ट्रंप सेना को मिला तोड़, दिया ऑर्डर

Updated on 04-09-2026 03:36 PM
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से इनको मार गिराना भी बहुत महंगा पड़ रहा है। इस महासंकट से निपटने के लिए अमेरिकी सेना ने अब तोड़ ढूढ़ लिया है। अमेरिकी सेना शाहेद ड्रोन के खात्‍मे के लिए अब लेजर वेपन पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। अमेरिका ने AeroVironment को 464 म‍िल‍ियन डॉलर का ऑर्डर दिया ताकि LOCUST X3 लेजर वेपन को व‍िकस‍ित किया जा सके। अमेरिका का कहना है कि इस लेजर वेपन की मदद से ईरानी शाहेद ड्रोन को मात्र 5 डॉलर खर्च करके मार गिराया जा सकेगा।

अमेरिका ने कंपनी से Enduring-High Energy Laser (E-HEL) के लिए समझौता किया है। E-HEL प्रोग्राम मानवरहित हवाई सिस्‍टम का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बहुत कम खर्च में पावर सप्‍लाई की मदद से ईरानी शाहेद ड्रोन को मार गिराया जा सकता है। अमेरिकी सेना के वाइस चीफ ऑफ स्‍टाफ जनरल क्र‍िस्‍टोफर लानेवे ने कहा कि यह अपनी तरह का पहला डायरेक्‍टेड एनर्जी प्रोग्राम है जो हमारे सैनिकों को ड्रोन को मार गिराने में सक्षम बनाएगा और दबदबा कायम करेगा। इसकी मदद से अमेरिकी सेना आगे भी अपने दुश्‍मनों पर बढ़त बनाए रखेगी।

अमेरिकी लेजर वेपन क‍ितना ताकतवर ?

अमेरिकी सेना की ओर से यह हाई एनर्जी लेजर वेपन सिस्‍टम हासिल करने के लिए पहला उत्‍पादन का ठेका द‍िया गया है। अभी तक प्रोटोटाइप को बनाया गया था लेकिन अब बड़े पैमाने पर इसके उत्‍पादन की तैयारी है। इस सौदे के तहत कंपनी दर्जनों की तादाद में LOCUST X3 लेजर वेपन सिस्‍टम को आने वाले सालों में सप्‍लाई करेगी। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट का कहना है कि कंपनी इस साल के अंदर ही कुछ लेजर वेपन मुहैया करा देगी। उन्‍होंने कहा कि हम अपना उत्‍पादन बढ़ा रहे हैं।

LOCUST X3 ड्रोन का उद्घाटन साल 2026 में हुआ था जो एक 30 किलोवाट क्‍लास का हाई एनर्जी लेजर वेपन सिस्‍टम है। यह लेजर वेपन ऐसे ड्रोन को मार गिराने के लिए बनाया गया है जो 600 किलो से ज्‍यादा वजन के होते हैं। हालांकि यह छोटे ड्रोन को भी मार गिराने में सक्षम है। व‍िश्‍लेषकों का कहना है कि अब अमेरिकी सेना को ठीक वही हथियार मिलने जा रहा है जो उसे ईरान युद्ध में सख्‍त जरूरत है। अमेरिका ईरान से पिछले 6 महीने से जूझ रहा है लेकिन उसे बाहर न‍िकलने का कोई रास्‍ता नहीं दिख रहा है। अमेरिका की इंटरसेप्‍टर मिसाइलें खत्‍म होने की कगार पर हैं और अब उसे इस लेजर वेपन से बड़ी उम्‍मीद है।

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