
भोपाल। शहर की सड़कों पर झुंड में घूमते श्वान, हादसों में घायल होने वाले आवारा कुत्ते और बीमार पशुओं को लेकर नगर निगम की व्यवस्था अब तक ज्यादातर अस्थायी रही है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम कालापानी क्षेत्र में प्रदेश का पहला डॉग शेल्टर होम बनाने जा रहा है जो शहर के आवारा कुत्तों के लिए बड़ा स्थायी ठिकाना बनेगा।
करीब 2.04 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस शेल्टर में एक साथ 1000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी। नगर निगम की योजना में परिसर को 10 अलग-अलग केनेल ब्लॉक में बांटा गया है, ताकि बड़ी संख्या में कुत्तों को एक ही जगह रखने के बजाय अलग-अलग समूहों में रखा जा सके। खास बात यह है कि शेल्टर को केवल रहने की जगह के रूप में विकसित नहीं किया जा रहा, बल्कि इसमें बीमार और निगरानी की जरूरत वाले कुत्तों को सामान्य केनेल से अलग रखने के लिए क्वारंटाइन सुविधा भी होगी।
इसके साथ क्लिनिक, फूड स्टोर और स्टाफ रूम जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। हर केनेल में खुले हिस्से के साथ शेड की व्यवस्था रहेगी, जिससे श्वानों को धूप और बारिश से बचने के साथ खुली जगह भी मिल सके। निर्माण की संभावित लागत 46.32 लाख रुपये है और इसे नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित डाग शेल्टर में बीमार, घायल या निगरानी की जरूरत वाले श्वानों को सामान्य श्वानों से अलग रखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए परिसर में अलग क्वारंटाइन ब्लाक प्रस्तावित किया गया है। इसमें कई छोटे-छोटे कक्ष होंगे, जहां ऐसे श्वानों को रखा जा सकेगा। इससे बीमारी फैलने का खतरा कम करने और जरूरत के अनुसार अलग से देखभाल करने में मदद मिलेगी। शेल्टर परिसर में क्लिनिक भी प्रस्तावित है, जहां उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा फूड स्टोर और स्टाफ रूम भी बनाए जाएंगे।
कालापानी में बनने वाले डॉग शेल्टर में 10 अलग-अलग केनेल ब्लाक बनाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में करीब 100 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी। इस तरह पूरे परिसर में एक साथ 1000 कुत्तों को रखा जा सकेगा। प्रत्येक केनेल में खुले क्षेत्र के साथ शेड बनाया जाएगा।
ड्राइंग में करीब 10.50 मीटर लंबा और चार मीटर चौड़ा शेड प्रस्तावित किया गया है, जबकि खुले हिस्से को चेनलिंक से घेरा जाएगा। केनेल ब्लाकों को अलग-अलग रखने से कुत्तों को समूहों में व्यवस्थित करने और परिसर के संचालन में सुविधा होगी। वहीं, शेड उन्हें धूप और बारिश से बचाने का काम करेंगे, जबकि खुले हिस्से में उन्हें पर्याप्त जगह मिल सकेगी।