भोपाल में टैक्सी चालकों का ऐलान:18-20 अगस्त के बीच सीएम हाउस घेराव की तैयारी

Updated on 08-08-2026 05:23 PM
भोपाल, एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और कथित मनमानी के खिलाफ भोपाल के टैक्सी चालकों का आंदोलन अब प्रदेश स्तर पर पहुंचने जा रहा है। शनिवार को चिनार पार्क में भोपाल टैक्सी चालक संघ (भारतीय मजदूर संघ सम्बद्ध) और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत से जुड़े पदाधिकारियों और टैक्सी चालकों की बैठक हुई। इसमें 15 अगस्त को भोपाल में बड़ी रैली निकालने और 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेश स्तरीय आंदोलन कर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का फैसला लिया गया। आंदोलन की अंतिम तारीख अभी तय नहीं की गई है।

टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के भोपाल प्रभारी जावेद खान ने बताया कि 15 अगस्त को बोट क्लब से लालघाटी तक रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में टैक्सी चालक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रैली शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकाली जाएगी। इसे टैक्सी चालकों की ताकत दिखाने और उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

संघ का कहना है कि मध्यप्रदेश में टैक्सी किराया तय करने के लिए स्पष्ट सरकारी नीति नहीं है। इसी का फायदा उठाकर एग्रीगेटर कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय कर रही हैं। संगठन की मांग है कि सरकार टैक्सी किराए के लिए स्थायी गाइडलाइन लागू करे। इसमें प्रत्येक राइड पर 50 से 60 रुपए बेस फेयर, यात्रा अवधि के लिए 1 से 1.50 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज और गाड़ी की श्रेणी के अनुसार 22 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर की दर तय की जाए।

18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेशभर के ड्राइवर जुटेंगे

भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने बताया कि बैठक में भोपाल के टैक्सी चालकों से आगे की रणनीति पर राय ली गई। अब 18 से 20 अगस्त के बीच प्रदेश स्तर का बड़ा आंदोलन करने की तैयारी है। इसमें भोपाल के अलावा मध्यप्रदेश के दूसरे शहरों में ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े ड्राइवरों को भी भोपाल बुलाया जाएगा। आंदोलन की अंतिम तारीख जल्द तय की जाएगी।

सीएम हाउस घेराव, मांगें पूरी होने तक नहीं हटने का ऐलान

संगठन ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की रणनीति बनाई है। राजेश कुमार नागले ने कहा कि टैक्सी चालकों की प्रमुख मांग किराया निर्धारित करने की है। संगठन चाहता है कि राज्य सरकार पहले टैक्सियों का किराया तय करे और इसके बाद एग्रीगेटर कंपनियों को उसी दर पर वाहन संचालित करने के निर्देश दिए जाएं। संघ के अनुसार प्रति किलोमीटर 22 से 30 रुपए के साथ 1 से 2 रुपए प्रति मिनट टाइम चार्ज दिया जाना चाहिए। साथ ही अवैध निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक की मांग भी उठाई गई है।

कार्यवाहक अध्यक्ष की चेतावनी- 18 अगस्त से पहले फैसला नहीं तो बड़ा प्रदर्शन

भोपाल टैक्सी चालक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों को चेतावनी दी कि यदि 18 अगस्त से पहले किराए और अन्य मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो भोपाल के टैक्सी चालक मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालक आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं, कई ड्राइवरों के लिए वाहन की किस्त और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।

पहले भी एयरपोर्ट राइड के बहिष्कार से बढ़ा था दबाव

टैक्सी चालकों ने इससे पहले 23, 24 और 25 जून को एयरपोर्ट राइड का बहिष्कार किया था। संघ का दावा था कि इस दबाव के बाद एग्रीगेटर कंपनियों ने किराए में आंशिक सुधार किया, लेकिन आंदोलन खत्म होने के बाद कंपनियां फिर पुराने रेट पर लौट आईं। इसके बाद संगठन ने परिवहन मंत्री से मुलाकात कर टैक्सी किराया निर्धारित करने समेत कई मांगें रखी थीं।

अवैध वाहनों पर भी लगे रोक

बैठक में एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा निजी नंबर वाले वाहनों और अवैध बाइक टैक्सी के संचालन का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन का आरोप है कि इससे वैध रूप से टैक्सी संचालित करने वाले ड्राइवरों की आय प्रभावित हो रही है। संघ ने सरकार से ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और एग्रीगेटर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी की मांग की है।

सिर्फ प्रतिशत नहीं, पूरी किराया प्रणाली बदलनी होगी

राजेश कुमार नागले का कहना है कि केवल 20 या 30 प्रतिशत किराया बढ़ा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। वर्ष 2014 में एग्रीगेटर कंपनियां बेस फेयर, टाइम चार्ज और प्रति किलोमीटर किराया तीनों देती थीं, लेकिन अब अधिकांश मामलों में केवल दूरी के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि ड्राइवरों की लागत, वाहन का रखरखाव, बीमा, ईंधन और अन्य खर्चों को देखते हुए पुरानी प्रणाली दोबारा लागू करना जरूरी है।

यदि मांगें लागू हुईं तो इन रूटों पर इतना हो सकता है किराया

संघ के प्रस्तावित मॉडल के अनुसार, यदि बेस फेयर, टाइम चार्ज और संशोधित प्रति किलोमीटर दर लागू होती है तो शहर के प्रमुख रूटों पर किराए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर अरेरा हिल्स से राजा भोज एयरपोर्ट का मौजूदा किराया 246 से 282 रुपए है, जो बढ़कर 416 से 552 रुपए तक हो सकता है।

न्यू मार्केट से रेलवे स्टेशन का किराया 95 से 108 रुपए की जगह 205 से 270 रुपए तक पहुंच सकता है। वहीं लालघाटी से एमपी नगर का किराया 152 से 167 रुपए से बढ़कर 302 से 401 रुपए, जबकि रातीबड़ थाना से भोपाल रेलवे स्टेशन का किराया 274 से 314 रुपए से बढ़कर 474 से 638 रुपए तक हो सकता है।


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