
( संजय रायजादा )
भोपाल। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का सख्त अंदाज अब जमीन पर दिखने लगा है। मंत्री और प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के निर्देश पर 22 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में 7 जिलों - विदिशा, बालाघाट, श्योपुर, बड़वानी, मंडराज, शाजापुर और दमोह में औचक निरीक्षण की 7 टीमों ने दबिश दी। कुल 35 निर्माण कार्यों को रैंडम पकड़ा गया।
इसमें PWD सड़क/पुल के 21, PIU (भवन) के 6, मप्र सड़क विकास निगम के 7 और मप्र भवन विकास निगम का 1 काम शामिल था।
रेंडम जांच की रिपोर्ट आते ही मप्र सड़क विकास निगम के MD भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर समीक्षा बैठक बुलाई और हंटर चल गया।
जांच रिपोर्ट में बड़वानी जिले की *बालवाड़ी-देवल्ली-धवली मार्ग (MP-MDR-48-25) लंबाई 20.89 KM* का काम बेहद घटिया मिला। पीजी योजना की इस सड़क पर अधिकारियों ने आंख मूंद ली थी। MD ने सीधे कार्यपालन यंत्री, अनुभागीय अधिकारी और उपयंत्री को नोटिस थमा दिया और ठेकेदार *मेसर्स सोरथिया वेलजी रत्ना एंड कंपनी, बडोदरा* को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मुख्य अभियंता इंदौर को निर्देश दे दिए।
वहीं बड़वानी की ही दूसरी सड़क *बड़वानी-बंधन-अंबापानी-सिंधी-खंदर-सिलावद मार्ग* पर काम शानदार और गुणवत्तापूर्ण मिला। इस पर DM पूनम कछवा, AGM कमलेश गोले और ठेकेदार *मेसर्स बड़वानी-बंधन हाईवे प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर* की जमकर तारीफ की गई।
बाकी 28 सड़कों में हल्की-फुल्की कमी मिली है, जिसे तुरंत सुधारने को कहा गया है।
*CM हेल्पलाइन और लोकपथ ऐप पर भी सख्ती*
बैठक में MD ने साफ कहा कि सड़क मरम्मत के साथ झाड़ियों की सफाई, रोड मार्किंग, साइन बोर्ड, लाइटिंग सब चकाचक होना चाहिए। CM हेल्पलाइन की शिकायतें संतुष्टि के साथ बंद करो, लोकपथ ऐप की शिकायत 4 दिन में निपटाओ। 30 अक्टूबर 2026 तक सारे सुधार काम पूरे कर सर्टिफिकेट लाओ।
बैठक में प्रमुख अभियंता RL वर्मा, KPS राणा, SR बघेल और अजय श्रीवास्तव समेत सभी मुख्य अभियंता और कार्यपालन यंत्री ऑनलाइन मौजूद रहे।