
भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क और भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह के निर्देश पर 20 सितंबर को प्रदेश के 7 जिलों में एक साथ औचक निरीक्षण किया गया।
मुख्य अभियंताओं की टीम ने नर्मदापुरम, जबलपुर, दतिया, अलीराजपुर, मंदसौर, आगर-मालवा और टीकमगढ़ जिलों में कुल 35 कार्यों का रैंडम निरीक्षण किया। इसमें लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल) के 21, PIU के 4, MPRDC के 5, MPBDC के 3 और E-In-C के 2 कार्य शामिल थे।
निरीक्षण के बाद MPRDC के प्रबंध संचालक भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी अधिकारियों की क्लास ली।
*दो जगह मिली लापरवाही, ठेकेदारों पर गिरी गाज*
1. जबलपुर: MPRDC के अंतर्गत जबलपुर-हिरण नदी मार्ग का काम घटिया पाया गया। MD ने सीधे ठेकेदार मेसर्स बागड़ इन्फ्राप्रोजेक्ट्स प्रा.लि. अहमदाबाद को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दे दिए।
2. अलीराजपुर: रिंगोले-मालसुरी से खंडवाब-भंडारी फलिया रोड का काम भी फेल मिला। संबंधित कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री और ठेकेदार डेंडा राम को नोटिस जारी करने का आदेश हुआ।
*13 कामों में सुधार के निर्देश, 2 की हुई तारीफ*
निरीक्षण में 13 कार्यों में आंशिक सुधार की जरूरत बताई गई है। वहीं दो कार्यों को शाबाशी भी मिली ।
दतिया में सिंध नदी पर बने हाई लेवल पुल (पोरसा-महौन-नौ-सेवड़ा मार्ग) के काम को प्रबंध संचालक और स्थानीय विधायक-सांसद ने सराहा। ठेकेदार मेसर्स मंगलम बिल्डकॉन की पीठ थपथपाई गई। वहीं टीकमगढ़ में शासकीय एच.एस. लारखौर के भवन निर्माण का काम गुणवत्ता में पास हुआ।
*सड़क मरम्मत के लिए 30 अक्टूबर की डेडलाइन*
प्रबंध संचालक भरत यादव ने सख्त लहजे में कहा कि सड़कों का मरम्मत कार्य 30 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करो, मेंटेनेंस में कोई ढिलाई नहीं चलेगी।
साथ ही निर्देश दिए कि लोकपथ ऐप पर आने वाली शिकायतों का 4 दिन में निराकरण हो और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी तुरंत निपटाया जाए। उन्होंने सड़कों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रखने को भी कहा गया।