- यह प्रक्रिया मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ नीति और कामकाज पर हालिया बातचीत और केंद्रीय मंत्रियों के साथ अलग से हुई समीक्षा के बाद हो रही है। उस समीक्षा में उनके कामकाज और सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी जैसे विषयों पर फीडबैक साझा किया गया था। लगातार हो रही इन समीक्षाओं को राजनीतिक विश्लेषक बहुचर्चित कैबिनेट फेरबदल की संभावित आहट के तौर पर भी देख रहे हैं।
- इन चिंतन शिविरों में मंत्रालयों और विभागों, सचिवों के समूहों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग से मिले इनपुट का इस्तेमाल किया जाएगा। इनमें सुधार, जीवन को आसान बनाने (ईज ऑफ लिविंग), अनुपालन (कम्प्लायंस) के बोझ को कम करने और कामकाज से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।
