रीवा में PWD के CE के के लच्छे ने नियमों को ताक पर रख EE का इंक्रीमेंट रोका, ENC और शासन के अधिकारों पर सवाल

Updated on 08-07-2026 09:29 PM

(*प्रभारी चीफ का तुगलकी फरमान!*)

   ( संजय रायजादा )

रीवा।  लोक निर्माण विभाग में  "अतिरिक्त प्रभार" को "पूर्ण अधिकार" समझने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रीवा परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता  ने अपने ही मूल पद यानि EE स्तर की अधिकारी का इंक्रीमेंट रोक कर सामान्य प्रशासन विभाग और लोक निर्माण विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं। 

मामला उमरिया संभाग की प्रभारी कार्यपालन यंत्री श्रीमती शारदा सिंह का है। रीवा परिक्षेत्र के प्रभारी मुख्य अभियंता  के.के. लच्छे ने अधिकार नहीं होने के बावजूद बुधवार को एक तुगलकी पत्र क्रमांक 3069 जारी कर श्रीमती सिंह की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी। 

*आरोप क्या हैं?*

आदेश के अनुसार श्रीमती सिंह पर 3 आरोप हैं:  

1.  बैठकों में अनुपस्थित रहना  ।

2.  निविदा प्ररूप अनुमोदन के बगैर 21.60 KM सड़क की निविदा जारी करना  ।

3.  9 साल से अधूरी सड़क और पूर्व अधिकारियों द्वारा किए गए फर्जी भुगतान पर प्रतिउत्तर न देना  ।

*प्रभारी सीई के अधिकार*

प्रभारी चीफ इंजीनियर को  ऐसी कार्यवाही करने का अधिकार ही नहीं है। PWD में *Executive Engineer की नियुक्ति ENC/राज्य शासन* करता है। CCA Rules 1966 के तहत किसी भी "लघु शास्ति" जैसे इंक्रीमेंट रोकने का आदेश सिर्फ "नियुक्ति प्राधिकारी" या उससे ऊपर का अधिकारी ही दे सकता है।

       जबकि श्रीमती सिंह का इंक्रीमेंट रोकने का आदेश जारी करने वाले  के.के. लच्छे खुद *"प्रभारी मुख्य अभियंता"* हैं और उनका *मूल पद "कार्यपालन यंत्री"* ही है। यानी वो खुद EE हैं। आदेश में कहा गया है कि कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब न देने से श्रीमती सिंह ने "खुद को एकपक्षीय कार्रवाई का दोषी बना लिया है और उनका एक इंक्रीमेंट रोका जाता है।

*क्या कहते हैं नियम*

    सरकार के नियम और कानून के जानकारों का कहना है कि प्रभारी CE के पास केवल तकनीकी और वित्तीय प्रभार होता है। उसे ना तो प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है ।EE के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव SE के जरिए ENC को भेजा जाना था। अंतिम आदेश ENC या प्रमुख सचिव स्तर से होना था। प्रभारी CE का सीधे आदेश देना CCA Rules का सीधा उल्लंघन है। अपील में ये आदेश टिक नहीं पाएगा।"

सूत्रों के अनुसार PWD में *Executive Engineer की नियुक्ति ENC/राज्य शासन* करता है। MP Civil Services CCA Rules 1966 के Rule 10 के तहत किसी भी "लघु शास्ति" जैसे इंक्रीमेंट रोकने का आदेश सिर्फ "नियुक्ति प्राधिकारी" या उससे ऊपर का अधिकारी ही दे सकता है।

*विभाग में मचा हड़कंप*

इस आदेश के बाद PWD में चर्चा है कि क्या अब प्रभारी अधिकारी भी अपने से जूनियर का भविष्य तय करेंगे? प्रतिलिपि में ENC भोपाल को "सूचनार्थ" लिखा गया है, यानी बिना उनकी अनुमति के ही दंड दे दिया गया।

*ENC कार्यालय का गोलमोल जवाब*

इस संबंध में प्रमुख अभियंता कार्यालय भोपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि  "हमें इस पत्र की प्रति प्राप्त हुई है। मामले की विधिक समीक्षा की जा रही है। नियमानुसार ही कार्रवाई होगी। यदि आदेश में कोई अनियमितता पाई गई तो उसे सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे।" हालांकि विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह और विभागीय मंत्री राकेश सिंह ने सरकार का पक्ष बताने के लिए फोन ही नहीं उठाया।

*अधिकारी का पक्ष*

प्रभावित अधिकारी श्रीमती शारदा सिंह ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,  

_"मुझे 9 साल पुराने काम और उस समय के अधिकारियों के भुगतान के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जब मैं उस पद पर थी ही नहीं। साथ ही मुझे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका भी नहीं दिया गया। प्रभारी CE मेरे नियुक्ति प्राधिकारी नहीं हैं। मैं इस आदेश के खिलाफ विभागीय अपील करूंगी।"

            श्रीमती सिंह पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन सवाल प्रक्रिया का है। क्या 9 साल पुराने अधूरे काम और पूर्व अधिकारियों की गलती की सजा अकेले वर्तमान EE को दी जा सकती है? और वो भी बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के?

अब देखना ये है कि ENC भोपाल और PWD मुख्यालय इस "प्रभारी के तुगलकी फरमान" पर क्या कार्रवाई करते हैं। या फिर नियम-कानून को ताक पर रखकर काम करने की ये नई परंपरा बन जाएगी?





अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
            ( संजय रायजादा )भोपाल। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का सख्त अंदाज अब जमीन पर दिखने लगा है। मंत्री और प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के निर्देश पर 22 अक्टूबर को…
 24 October 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज से 3 दिन जबलपुर प्रवास पर रहेंगे। 24 से 26 अक्टूबर तक वे संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इस…
 24 October 2026
इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में संपत्तियों से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं। जांच में देवास की…
 24 October 2026
दिवाली पर रोशनी देखने और खुशियां मनाने की उम्र में ऋतिक, सत्येंद्र और कार्तिक के सामने सवाल है कि क्या वे फिर कभी पहले की तरह देख पाएंगे?पिछले साल दिवाली…
 24 October 2026
भोपाल के केरवा डैम का सर्वे पूरा हो गया है। ग्राउंड ट्रूथिंग करने पहुंची टीम को सरकारी अतिक्रमण भी दिखें। इसकी रिपोर्ट टीम ने नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) में पेश…
 24 October 2026
मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार कमान किसी महिला अधिकारी के हाथों में आ सकती है। मौजूदा DGP कैलाश मकवाना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।नए पुलिस…
 24 October 2026
सरकार के नए प्लेन पर विरोध भी, खुशी भी मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के नए प्लेन को लेकर कांग्रेस विरोध कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्लेन…
 20 October 2026
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में मंगलवार सुबह 16वीं मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने इलाज के…
 20 October 2026
जबलपुर में दशहरा घूमने आए 24 वर्षीय आकाश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे थाने ले गई थी, जहां उसके साथ मारपीट…
Advt.