
( संजय रायजादा)
भोपाल। रीवा में आज मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए*लोक निर्माण विभाग रीवा के मुख्य अभियंता के.के. लच्छे* को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता ठेकेदार का 8 लाख रुपये का बिल महीनों से मुख्य अभियंता के कार्यालय में लटका था। आरोप है कि बिल पास करने के एवज में श्री लच्छे ने 10% यानी 80 हजार रुपये की मांग की। पहले किस्त के रूप में 50 हजार देने को कहा।
ठेकेदार ने तंग आकर लोकायुक्त संगठन से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया।
आज मंगलवार को ठेकेदार मुख्य अभियंता के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही के.के. लच्छे ने रिश्वत के नोट हाथ में लिए, पहले से मौजूद लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।
के के लच्छे की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही PWD रीवा कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। कई अधिकारी अपने चेंबर बंद कर निकल गए। कर्मचारियों में चर्चा है कि टेंडर और पेमेंट में कमीशन का रेट पहले से तय था।
फिलहाल लोकायुक्त पुलिस ने *भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम* के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है। साथ ही उनके आवास और कार्यालय में भी सर्चिंग की जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ लच्छे ही इस खेल में शामिल थे या पूरी चेन है?
गोरतलब है कि के.के. लच्छे रीवा संभाग के मुख्य अभियंता के पद पर पिछले 1.5 साल से पदस्थ थे। उन पर पहले भी टेंडर में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं।