सीबीआई से एमईए होते हुए यूएई कोर्ट पहुंचेगा केस:विदेश में छिपे आरोपी को लाने मप्र एसटीएफ की पहली प्रत्यर्पण कवायद

Updated on 31-08-2026 12:29 PM

निवेश के नाम पर देशभर में 3200 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी लविश उर्फ लविश चौधरी को दुबई से भारत लाने के लिए मप्र एसटीएफ ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तकरीबन पूरी की है। मप्र की किसी जांच एजेंसी द्वारा विदेश में छिपे आरोपी को प्रत्यर्पित कराने की यह पहली ऐसी कवायद है। लविश के खिलाफ ब्लू के बाद रेड नोटिस जारी कराया जा चुका है। ब्लू नोटिस से एसटीएफ को उसके दुबई में होने और लोकेशन की पुष्टि हुई थी।

प्रत्यर्पण के लिए केस से जुड़े करीब 200 दस्तावेज अरबी भाषा में तैयार कराए गए हैं। इन्हें सत्यापन के लिए इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय भेजा गया है। कानून के तहत उसी अदालत से सत्यापन जरूरी है, जहां आरोपी के खिलाफ चालान पेश हुआ है।

डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक अदालत से सत्यापन और मंजूरी मिलने के बाद अगले 15 दिनों में पूरी फाइल दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय भेजी जाएगी। दस्तावेज राज्य स्तरीय प्रक्रिया से गुजरकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के जरिए यूएई के प्राधिकरण या अदालत तक पहुंचेंगे। वहां प्रत्यर्पण पर कानूनी प्रक्रिया होगी।

भारत और यूएई के बीच 1999 से प्रत्यर्पण संधि लागू है। इसके तहत निर्धारित शर्तों के अधीन आरोपियों के प्रत्यर्पण अनुरोध पर कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में एसटीएफ अब तक करीब 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हिंदी की केस डायरी अब अरबी में, अंग्रेजी कॉपी भी

एसटीएफ के मुताबिक लविश के खिलाफ दर्ज एफआईआर, केस डायरी और जांच से जुड़े दस्तावेज मूल रूप से हिंदी में हैं। प्रत्यर्पण की फाइल यूएई की कानूनी प्रक्रिया में पेश की जानी है, इसलिए दस्तावेजों का अरबी में अनुवाद कराया गया है। साथ ही अंग्रेजी भाषा में भी कॉपी तैयार कर ली गई है। इसमें एफआईआर, केस डायरी, आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य, अदालत से संबंधित दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड शामिल किए गए हैं।

ब्लू नोटिस से लोकेशन मिली, रेड नोटिस से गिरफ्तारी का रास्ता खुला

एसटीएफ ने पहले लविश के खिलाफ ब्लू नोटिस जारी करवाया था। एसटीएफ ने बताया कि ब्लू नोटिस का मकसद किसी व्यक्ति की पहचान, लोकेशन या गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाना होता है। इसके बाद रेड नोटिस जारी कराया गया।

रेड नोटिस किसी वांछित व्यक्ति को दुनिया भर में तलाशने और प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध होता है। हालांकि, रेड नोटिस खुद अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है और संबंधित देश अपने कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करता है।

दुबई में दाखिल हुआ पर बाहर नहीं निकला 

ब्लू नोटिस के बाद एसटीएफ को मिले इनपुट में सामने आया कि लविश अपने पासपोर्ट के जरिए दुबई में दाखिल हुआ था, लेकिन उसके बाद उसके बाहर निकलने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने उसके दुबई में होने की पुष्टि की। अब एसटीएफ का टारगेट उसकी लोकेशन पता करने से आगे बढ़कर उसे भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के सामने लाना है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
            ( संजय रायजादा )भोपाल। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का सख्त अंदाज अब जमीन पर दिखने लगा है। मंत्री और प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह के निर्देश पर 22 अक्टूबर को…
 24 October 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज से 3 दिन जबलपुर प्रवास पर रहेंगे। 24 से 26 अक्टूबर तक वे संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।इस…
 24 October 2026
इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में संपत्तियों से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं। जांच में देवास की…
 24 October 2026
दिवाली पर रोशनी देखने और खुशियां मनाने की उम्र में ऋतिक, सत्येंद्र और कार्तिक के सामने सवाल है कि क्या वे फिर कभी पहले की तरह देख पाएंगे?पिछले साल दिवाली…
 24 October 2026
भोपाल के केरवा डैम का सर्वे पूरा हो गया है। ग्राउंड ट्रूथिंग करने पहुंची टीम को सरकारी अतिक्रमण भी दिखें। इसकी रिपोर्ट टीम ने नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) में पेश…
 24 October 2026
मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास में पहली बार कमान किसी महिला अधिकारी के हाथों में आ सकती है। मौजूदा DGP कैलाश मकवाना 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।नए पुलिस…
 24 October 2026
सरकार के नए प्लेन पर विरोध भी, खुशी भी मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के नए प्लेन को लेकर कांग्रेस विरोध कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्लेन…
 20 October 2026
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में मंगलवार सुबह 16वीं मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने इलाज के…
 20 October 2026
जबलपुर में दशहरा घूमने आए 24 वर्षीय आकाश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे थाने ले गई थी, जहां उसके साथ मारपीट…
Advt.