पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश में तुर्की की एंट्री, एर्दोगन का 'इस्लामिक कैम्पेन', भारत के लिए कितना खतरा?

Updated on 25-08-2026 04:18 PM
ढाका/अंकारा: पाकिस्तान के साथ रक्षा संबंध करना और बांग्लादेश को 'मक्का डिफेंस पैक्ट' में शामिल करने की तुर्की की कोशिश कुछ और नहीं बल्कि भारत के पड़ोस को 'इस्लामिक रंग' में रंगने की कोशिश है। तुर्की की इन चालों पर भारत को घबराने की नहीं बल्कि नजर रखने की जरूरत है। सेंटर फॉर जियोपॉलिटिक्स एंड स्ट्रैटजिक स्टडीज की फेलो डॉ. इंद्राणी तालुकदार ने लिखा है कि भारत के लिए अंकारा के साथ रिश्तों में तेजी से गिरावट आई है।

उन्होंने लिखा है कि 2020 के बाद खासकर 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद और ग्रीस और साइप्रस जो तुर्की के पुराने दुश्मन रहे हैं उनके साथ बढ़ते रिश्तों के जरिए पूर्वी भूमध्य सागर में नई दिल्ली की बढ़ती सक्रियता के कारण तुर्की-पाकिस्तान-सऊदी अरब-बांग्लादेश का यह नया रणनीतिक गठजोड़ कई तरह की चुनौतियां पेश करता है। हालांकि उनका ये कहना पूरी तरह सही नहीं है। भारत ने जरूर ग्रीस और साइप्रस से सैन्य संबंध बनाए हैं लेकिन ऐसा पाकिस्तान को तुर्की की मदद मिलने के बाद शुरू किया गया है।

बांग्लादेश को भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर सकता है तुर्की?

बांग्लादेश को अगर तुर्की पाकिस्तान और सऊदी वाले सैन्य गठबंधन में शामिल करता है तो भारत को थोड़ी बहुत परेशानी हो सकती है। तुर्की जरूर भारत की रणनीतिक घेराबंदी करने की कोशिश करेग। लेकिन ऐसा करना उसके लिए अत्यंत मुश्किल होगा और जितने संसाधन की जरूरत उसे होगी उतना जुटाना तुर्की के लिए संभव नहीं है। उन्होंने लिखा है कि ढाका ने पारंपरिक रूप से भारत, अमेरिका और चीन जैसी बड़ी ताकतों के साथ संबंध बनाकर रणनीतिक संतुलन बनाए रखा है।

लेकिन घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक दबाव और सुरक्षा सहयोगियों में विविधता लाने की इच्छा ने बांग्लादेश को दूसरे विकल्पों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है। पाकिस्तान के साथ उसके बढ़ते संबंध इसी विविधता का प्रमाण हैं। हालांकि बांग्लादेश अभी मक्का समझौते का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है लेकिन इसमें शामिल होने की उसकी इच्छा यह दर्शाती है कि वह भारत जैसे अपने करीबी और मित्र पड़ोसी देशों पर पारंपरिक निर्भरता से परे सुरक्षा सहयोग की संभावनाओं को तलाशने को तैयार है।
यदि बांग्लादेश औपचारिक रूप से मक्का फ्रेमवर्क से जुड़ता है चाहे पर्यवेक्षक या भागीदार के रूप में ही क्यों न हो तो इससे प्रभावी रूप से तुर्की की रणनीतिक उपस्थिति भारत की पूर्वी सीमा तक पहुंच जाएगी जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान के साथ मौजूदा साझेदारी को और मजबूत करेगी।


बांग्लादेश-तुर्की संबंध भारत के लिए कितनी चिंताजनक बात?

डॉ. इंद्राणी तालुकदार का कहना है कि भारत लंबे समय से दक्षिण एशिया को अपने प्रभाव वाला स्वाभाविक क्षेत्र मानता रहा है जिसका आधार भौगोलिक निकटता, आर्थिक और सांस्कृतिक निर्भरता और सुरक्षा संबंध हैं। तुर्की-पाकिस्तान-सऊदी अरब-बांग्लादेश का सुरक्षा गठबंधन भले ही यह ढीले ढांचे वाला हो भारत के पड़ोस में एक बाहरी और विचारधारा से प्रेरित ताकत को लाकर भारत की इस प्रधानता को चुनौती देता है। खासकर इसलिए क्योंकि अंकारा और इस्लामाबाद ने बार-बार कश्मीर और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भारत की नीतियों की आलोचना की है।
बांग्लादेश में तुर्की और पाकिस्तान की गहरी रक्षा उपस्थिति से भारत के पूर्वी हिस्से के पास सैन्य प्रशिक्षण, हथियारों की बिक्री, खुफिया सहयोग और राजनीतिक समन्वय के नए रास्ते खुल सकते हैं। भारत पहले से ही अपनी पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर जटिल सुरक्षा हालात से जूझ रहा है। ऐसे में नई दिल्ली की पहले से ही मुश्किलों भरी पूर्वी सीमा पर नई चुनौतियों के आने से भारत के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों के हमले के बीच सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। रियाद का मकसद अधिक शक्तिशाली मिसाइल बनाने का है, जिससे…
 24 October 2026
पोर्ट विला: दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश वानुवातु में दो शक्तिशाली भूकंप आए हैं। अमेरिकी भूगर्भ सर्वक्षेण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का दर्ज किया गया।…
 24 October 2026
पेरिस/नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के समुद्री प्लेटफॉर्म से राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों का ट्रायल शुरू हो गया है। राफेल-एम को फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट ने बनाया है और इसने अमेरिकी F/A-18E/F सुपर…
 24 October 2026
बाकू: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अजरबैजान पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा हुआ था और उसके करीब डेढ़ साल बात भारत और अजरबैजान नये सिरे से रिश्ते को शुरू करना चाहते…
 24 October 2026
तेहरान: अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका के बाहर विदेशों में अमेरिकी नागरिकों को मारने की साजिश रच रहा है। यूएस इंटेलिजेंस के मेमो में…
 24 October 2026
बाकू: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार 23 अक्टूबर को अजरबैजान के दौरे पर पहुंचे। यह 8 सालों में यह किसी भारतीय विदेश मंत्री का अजरबैजान का पहला और स्वतंत्र…
 23 October 2026
तिब्बत में गुरुवार रात 7.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 65 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद 12 हजार से ज्यादा लोगों…
 23 October 2026
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जलवायु संकट के लिए यूरोप को बड़ा जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की 17% आबादी है लेकिन कार्बन उत्सर्ज में…
 23 October 2026
अमेरिका की बड़ी मेडिकल जांच कंपनियों में शामिल क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स पर साइबर हमला हुआ है। इस हमले में हैकरों ने मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट और उनकी निजी जानकारी तक पहुंच…
Advt.