कौन हैं यूपी की रेखा वर्मा? 12 साल पहले जितिन प्रसाद को हराया, अब नितिन नवीन टीम में शामिल

Updated on 17-08-2026 04:59 PM
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर प्रयास करती दिख रही है। सत्ता में हैट्रिक जमाने के लिए पार्टी की ओर से तमाम समीकरणों को साधा जा रहा है। इस क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने जब राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की है, उसमें उत्तर प्रदेश को बड़ा स्थान मिला है। पार्टी ने रेखा वर्मा को उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर तैनात किया है। इसको लेकर चर्चा का बाजार गरमा गया है। वे उत्तराखंड की सह प्रभारी की भी भूमिका में रही हैं।
रेखा वर्मा संगठन के स्तर पर पहले भी काम कर चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से वर्ष 2020 में घोषित राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की टीम में रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष बनाया गया था। एक बार फिर नितिन नवीन ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 13 सदस्यीय उपाध्यक्षों की घोषणा की, तो उसमें रेखा वर्मा का नाम शामिल है।

कौन हैं रेखा वर्मा?

रेखा वर्मा भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेता हैं उनका जन्म 20 मई 1973 को कानपुर में हुआ था। उनके पति का नाम अरुण कुमार वर्मा है। रेखा वर्मा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रखा और धरहरा सीट से जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को हराकर लोकसभा में कदम रखा था।बाद में जितिन प्रसाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव 2024 में जितिन प्रसाद ने पीलीभीत से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया। रेखा वर्मा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी रेखा वर्मा ने जीत दर्ज की। इस जीत ने भाजपा में रेखा वर्मा का कद ऊंचा किया।

मोहम्मदी इलाके के मकसूदपुर गांव की रहने वाली रेखा अरुण वर्मा ने दिल्ली की सियासत से जुड़ने के बाद भी गांव की जमीन से नाता नहीं छोड़ा। यही वजह है कि पार्टी के भीतर वे काफी मजबूत चेहरे के तौर पर जानी जाती हैं। धरहरा लोकसभा सीट पर भले ही वह हैट्रिक जमाने में कामयाब नहीं रही हों, लेकिन पार्टी ने उन्हें बड़ा पद देकर चुनाव 2027 से पहले बड़ा दांव खेल दिया है।

पार्टी का महिला चेहरा

रेखा वर्मा पार्टी के दमदार महिला चेहरे के तौर पर जानी-पहचानी जाती हैं। भाजपा ने पिछले दिनों लगातार महिला वोट बैंक को लेकर राजनीति को तेज किया है। इस क्रम में अब रेखा वर्मा और स्मृति ईरानी सरीखे यूपी के नेताओं को आगे बढ़ाकर पार्टी ने इस वर्ग को संगठन में भी उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने का संदेश साफ कर दिया है।

रेखा वर्मा के जरिए भाजपा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक यानी पीडीए पॉलिटिक्स को मात देने की तैयारी में है। रेखा वर्मा ओबीसी समुदाय से आती हैं। ऐसे में पिछड़ा वर्ग को संगठन से लेकर सरकार तक में प्रतिनिधित्व का संदेश सीधे तौर पर दिया जा रहा है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
नई दिल्ली: रक्षा सचिव राजेश सिंह ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया है कि यूरोप अब भारत में बने सैन्य उपकरणों के लिए एक फल-फूल रहा बाजार बन गया…
 24 October 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश भर के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे एक बार इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल सामानों का…
 24 October 2026
नई दिल्ली: भारत 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में 12 वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेजबानी करेगा। इस बैठक में रूस, ईरान, चीन, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात…
 24 October 2026
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट में अजीब-गरीब नामों…
 24 October 2026
नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली की अदालत में सुनवाई…
 24 October 2026
नई दिल्ली: शुक्रवार को जारी भारतीय सेना के नए सिद्धां में भविष्य के संघर्षों की तैयारी के लिए एक रूपरेखा दी गई है। इसमें अधिकारियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह स्वीकार किया है कि अस्पताल मरीजों से दवाओं और अन्य जरूरी सामानों के लिए बहुत अधिक MRP वसूलते…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: एनआरआई जोड़ों के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर होने वाले विवाद अक्सर अंतरराष्ट्रीय कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में, जब…
 23 October 2026
नई दिल्ली: सूचना का अधिकार के तहत हुए हालिया खुलासे के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय ने चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर निर्वाचन आयो के आंतरिक कामकाज में दखल देने से इनकार…
Advt.