MP में पदोन्नति के नए नियमों पर बवाल, आरक्षण व्यवस्था के विरोध में सपाक्स उतरा, आंदोलन की तैयारी

Updated on 29-06-2026 12:57 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर फिर से कर्मचारी सरकार के रवैए से नाखुश हैं। राज्य सरकार वर्ष 2025 के उन नियमों से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी में है, जिनके विरोध में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने हाई कोर्ट शरण ली थी।

दरअसल, नियम में आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तो उन्हें पदोन्नति दी ही जाएगी, अनारक्षित पदों पर मेरिट के आधार पर भी एससी-एसटी वर्ग को अवसर देने का प्रविधान रखा है। जबकि, मांग यह है कि आरक्षित वर्ग अपने वर्ग में पदोन्नत हों और अनारक्षित वर्ग को उसके वर्ग में आगे बढ़ने का अवसर मिले।

2002 के नियम और हाई कोर्ट का फैसला

दरअसल, पदोन्नति नियम 2002 के आरक्षण संबंधी प्रविधान के कारण हाईकोर्ट ने 2016 में पदोन्नति नियमों को निरस्त कर दिया था। कायदे से तो उस नियम से पदोन्नत हुए अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को पदावनत किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने सियासी नफा-नुकसान को देखते हुए कोई निर्णय नहीं किया। जब 2025 में नियम बनाए जा रहे थे, तब सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने इस बात को उठाया था कि वह गलती फिर न दोहराई जाए, जिसके कारण पदोन्नतियां लंबित नहीं।

अजाक्स की मांग और सरकार का नया प्रविधान

उधर, अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारी-कर्मचारी के प्रतिनिधि संगठन (अजाक्स) का कहना था कि 36 प्रतिशत हमें जो आरक्षण मिला हुआ है, उसका लाभ तो मिले ही साथ ही साथ मेरिट के आधार पर उसे अनारक्षित श्रेणी में भी पदोन्नति मिलनी चाहिए। पहले अनारक्षित पदों पर पदोन्नति हो और फिर आरक्षित वर्ग की। तमाम विचार-विमर्श के बाद सरकार ने जो नियम तैयार किए उनमें फिर वही प्रविधान रख दिया।

सामान्य वर्ग की आपत्ति

  • हालांकि, यह व्यवस्था बना दी कि एक बार अनारक्षित श्रेणी में यदि कोई आरक्षित वर्ग का व्यक्ति पदोन्नति हो जाता है तो फिर वह अपनी श्रेणी में नहीं लौट सकेगा और आरक्षित श्रेणी का एक पद कम हो जाएगा। मगर इसका कोई लाभ अनारक्षित श्रेणी को फिलहाल नहीं होगा, क्योंकि पूर्व में जो अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हो चुके हैं, वे सामान्य वर्ग के कर्मचारियों से एक-दो पद आगे हैं।
  • जब पदोन्नतियां होंगी तो स्वाभाविक है कि प्रथम लाभ उन्हें ही मिलेगा, तब तक सामान्य वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे, जो इस असमानता के विरोध की लड़ाई लंबे समय से लड़ रहे हैं।

सपाक्स ने किया आंदोलन का निर्णय

यही कारण है कि एक बार फिर प्रदेश में पदोन्नति के नियम को लेकर विरोध के स्वर उठे हैं। नए नियम से पदोन्नति की कवायद के बीच सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को भोपाल में हुई। इसमें पदोन्नति के नियमों में आरक्षित वर्ग समूह के पदों की गणना का प्रविधान विसंगतिपूर्ण बताकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 09 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए संचालित लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 40th Installment) का इंतजार अब बढ़ गया है। डॉ मोहन यादव सरकार इस…
 09 September 2026
 भोपाल। बिजली कंपनी की लापरवाही के चलते अपना हाथ गंवा चुका सीहोर का एक युवा किसान न्याय की आस में हाथ ठेले पर लेटकर भोपाल संभाग कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। पीड़ित…
 09 September 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई दौरे के तीसरे दिन 8 सितंबर को निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से…
 09 September 2026
भोपाल। मिसरोद थाना क्षेत्र की फार्च्यून सोम्या हेरिटेज कॉलोनी में मंगलवार रात करीब नौ बजे तेज रफ्तार एसयूवी चालक ने जमकर उत्पात मचाया। एसयूवी ने एक के बाद एक करीब…
 09 September 2026
सागर। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद बुधवार को सागर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर मामले की…
 08 September 2026
भोपाल, 15 जून से शुरू हुई नोटिस-सीलिंग और पंचनामा की कार्रवाई अब बेअसर होती दिख रही है। नगर निगम के अफसर पंचनामा बनाने के बाद प्रतिष्ठानों की ओर दोबारा देखना तक…
 08 September 2026
भोपाल, प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल की नसीहत का असर दिखने लगा है। रविवार शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र यति ने भोपाल जिले की जिला कार्यसमिति की…
 08 September 2026
भोपाल, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में ‘रूमा समिट 2026’ का आयोजन किया गया। एलएनसीटी ऑडिटोरियम में हुए इस सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने रूमेटोलॉजी से जुड़ी बीमारियों की पहचान और…
 08 September 2026
भोपाल, सागर में जहरीली शराब से हुई 20 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अब अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी…
Advt.