पासेवाड़ा रेंजर की नाक के नीचे बाघों का कत्ल, आखिर शिकारियों को किसका संरक्षण?
Updated on
03-07-2026 03:42 PM
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, टाइगर रिजर्व के पासेवाड़ा कोर एरिया में दो बाघों का शिकार किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न केवल वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलकर रख दी है।
सूत्रों के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है और बाघों की खाल बरामद होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा ग्रामीणों और सुरक्षा एजेंसियों को मिली सूचनाओं के बाद हुआ। हालांकि, अब तक वन विभाग की ओर से इस मामले में स्पष्ट और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह की सक्रियता की आशंका मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ने की सूचनाएं मिल रही थीं। वन्यजीव विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय रहा हो।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यदि दो बाघों का शिकार हो जाता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या संबंधित अधिकारियों को पहले से किसी गतिविधि की जानकारी थी और यदि थी, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
बाघ संरक्षण पर बड़ा खतरा इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण बाघ अभयारण्यों में शामिल है। यहां बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में दो बाघों के शिकार की घटना संरक्षण प्रयासों को बड़ा झटका मानी जा रही है। वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
उठ रहे हैं कई अहम सवाल टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में शिकारी कैसे पहुंचे? क्या सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में चूक हुई? क्या इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह शामिल है? वन विभाग को गतिविधियों की जानकारी पहले से थी या नहीं? बाघ संरक्षण पर खर्च हो रहे करोड़ों रुपये की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों, टीएल मामलों, जनशिकायतों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा…
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की 25 वर्षों की जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा के प्रति सम्मान, आभार और स्नेह व्यक्त करने के लिए 17 सितंबर को शाम 7…
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन अवसर पर मंगलवार को संवत्सरी महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों…
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…
बिलासपुर । शहर की रहने वाली श्रीमती गंगा साहू के जीवन में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित ’’दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’’ ने सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना का…
बिलासपुर । जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों में सहयोग के उद्देश्य से राइस मिल एसोसिएशन, बिलासपुर द्वारा जिला रेडक्रॉस सोसायटी को 5 लाख रुपए की सहयोग राशि…
बिलासपुर । उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज वीसी के जरिए बिलासपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने…
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं…
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…