'RBI को अपना सोना बेच देना चाहिए', 2.87 लाख करोड़ के डिविडेंड पर क्यों भड़के दिग्गज फंड मैनेजर?

Updated on 23-05-2026 02:30 PM
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने केंद्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रेकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले पर आर्थिक जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड पोर्टफोलियो मैनेजर और कैपिटल माइंड (Capital Mind) के सीईओ दीपक शेनॉय ( Deepak Shenoy ) ने इस डिविडेंड राशि को निराशाजनक बताया है। उन्होंने इस बारे में एक्स पर एक पोस्ट की है, जिसमें कहा है कि रिजर्व बैंक को अपना सोना बेच देना चाहिए। उनकी इस राय पर निवेशकों और अर्थशास्त्रियों के बीच एक बड़ी डिबेट छिड़ गई है।

दीपक शेनॉय ने सोशल मीडिया पर तर्क दिया कि केंद्रीय बैंक का कुल मुनाफा करीब 4 लाख करोड़ रुपये रहा था। इसके बावजूद, आरबीआई ने मुनाफे का एक बहुत बड़ा हिस्सा सरकार को सौंपने के बजाय अपने कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) में रखने का फैसला किया। उन्होंने आरबीआई के इस फैसले को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि एक ऐसा जोखिम बफर जिसका आरबीआई ने कभी इस्तेमाल नहीं किया है है और न ही भविष्य में करना पड़ेगा।

सोना बेचने का सुझाव

शेनॉय ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि आधिकारिक कारण 6.5% को बफर के रूप में बनाए रखना है। उन्होंने पोस्ट में सुझाव दिया है कि आरबीआई को अब अपना सोना (गोल्ड रिजर्व) बेचना चाहिए और अपनी बैलेंस शीट के आकार को कम करना चाहिए, ताकि वे सरकार को और अधिक पैसा लौटा सकें। उन्होंने आगे लिखा, 'लेकिन ये उम्मीदें, बस उम्मीदें ही रह जाती हैं। हम इससे बेहतर के हकदार हैं।' रिजर्व बैंक को अपनी कुल बैलेंस शीट का 5.5% से 6.5% हिस्सा कंटिजेंट रिस्क बफर के रूप में बनाए रखना अनिवार्य होता है।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

दीपक शेनॉय की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए। कई लोगों ने आरबीआई के इस बफर फंड और गोल्ड रिजर्व को बनाए रखने के फैसले का खुलकर बचाव किया। एक यूजर ने शेनॉय से सवाल पूछते हुए लिखा, 'कभी इस्तेमाल नहीं करना पड़ा... लेकिन सर, क्या हो अगर उन्हें कभी ऐसा करना पड़ जाए? हमारे जीवनकाल में हर तरह की अभूतपूर्व चीजें हो रही हैं।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'समझ नहीं आता कि कुछ फंड मैनेजर आरबीआई के गोल्ड रिजर्व के पीछे क्यों पड़े हैं। सोना तब बेचा जाता है जब घर संकट में हो, इसलिए नहीं कि बैलेंस शीट बड़ी हो गई है।'

क्या होता है कंटिजेंट रिस्क बफर?

कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) एक विशेष रिजर्व फंड होता है जिसे आरबीआई किसी भी अप्रत्याशित वित्तीय जोखिम, बाजार की अस्थिरता और प्रणालीगत आर्थिक झटकों से निपटने के लिए सुरक्षित रखता है। बिमल जालान समिति की सिफारिशों के मुताबिक, इसे आरबीआई की बैलेंस शीट के एक निश्चित दायरे में बनाए रखना होता है। आरबीआई अपने वार्षिक मुनाफे का एक हिस्सा अपने पास सुरक्षित (बफर के रूप में) रख लेता है और बचे हुए लाभ (अधिशेष) को लाभांश के रूप में केंद्र सरकार को ट्रांसफर कर देता है

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 15 June 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर और पहले ट्रिलियनेयर बने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिकी शेयर मार्केट में लिस्ट हो गया है। इस आईपीओ की लिस्टिंग धमाकेदार…
 15 June 2026
नई दिल्ली: रुपये की कीमत में डॉलर के मुकाबले हाल में काफी गिरावट देखने को मिली। इसे रोकने के लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री…
 15 June 2026
नई दिल्ली: अमेरिकी-ईरान के बीच शांति समझौता होने से भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस समझौते के बाद मुख्य ईधन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी खुल जाएगा।…
 15 June 2026
नई दिल्ली: आपने भी यह कहावत सुनी होगी कि नाम में क्या रखा है। लेकिन नाम की वजह से कुछ नामी-गिरामी कंपनियां खाद्य सुरक्षा क्षेत्र के नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा…
 13 June 2026
नई दिल्ली: एयर इंडिया का एक विमान पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया था। उसके बाद से कंपनी को पिछले एक साल में करीब…
 13 June 2026
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप में 37 साल पुराना एक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला 1989 में शेयरों के ट्रांसफर से जुड़ा…
 13 June 2026
नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) की शुक्रवार को अमेरिकी शेयर मार्केट में नैस्डैक पर ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग हुई। इसके बाद मस्क आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर…
 13 June 2026
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुंबई के मोगावीरा सहकारी बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उस पर कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। बैंक के…
 13 June 2026
मुंबई: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में फिर गिरावट दिखी है। पिछले सप्ताह इसमें $711 million की गिरावट हुई है। इससे एक सप्ताह पहले इसमें $938 million की बढ़ोतरी हुई…
Advt.