गिग इकॉनमी को नहीं मान सकते बेरोजगारी का समाधान, नौकरियों को लेकर लगातार बढ़ रहीं हैं चिंताएं

Updated on 02-10-2026 11:30 AM
सुचिता दत्ता

यह सुनने में अच्छा लगता है कि भारत की बेरोजगारी दर आधिकारिक रूप से 3.2% है। लेकिन, धरातल पर हालात अलग हैं। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2024-25 के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। भले ही 2017-18 के 6.1% के मुकाबले बेरोजगारी अब आधी रह गई है, लेकिन नौकरियों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। कागजी आंकड़े और सच्चाई के बीच इस अंतर का एक कारण गिग इकॉनमी भी है, जहां अस्थायी और कम आमदनी वाले काम भी रोजगार में गिने जाते हैं। गिग इकॉनमी यानी जहां शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट या प्रॉजेक्ट आधारित काम होते हैं।

असलियत से अलग

आप जानिए भारत में नौकरी की गिनती कैसे होती है। PLFS में अगर किसी शख्स ने तय हफ्ते में थोड़ी देर भी काम किया है, तो उसे रोजगार की श्रेणी में रखा जाता है। पारिवारिक कारोबार में अवैतनिक काम कर रहे लोग भी इसमें आते हैं। यानी नौकरी न मिलने पर कैब चलाने वाला या इंटरव्यू के इंतजार में खाना डिलिवर करने वाला भी नौकरीपेशा माना जाएगा। सर्वे काम की गुणवत्ता नहीं, सिर्फ काम होने को देखता है। इसलिए बेरोजगारी की असल तस्वीर ज्यादा खौफनाक है।

सुरक्षित नौकरी नहीं

भारत के सिर्फ 23.6% लोगों के पास ही नियमित वेतन वाली नौकरी है। 10 में से बमुश्किल एक शख्स के पास कॉन्ट्रैक्ट और सोशल सिक्योरिटी है, जबकि तकरीबन 56% लोग सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं। नियमित कामगार हर महीने औसतन 22,699 रुपये कमाता है, जबकि सेल्फ-एम्प्लॉयड की 14,861 रुपये और कैजुअल वर्कर की सिर्फ 10,000 रुपये कमाई है। रोजगार बढ़ा है, पर सुरक्षित और अच्छी कमाई वाली नौकरियां नहीं।

लगातार बढ़ता आंकड़ा

नीति आयोग का अनुमान है कि गिग वर्कफोर्स 2020-21 के 77 लाख से बढ़कर 2029-30 तक 2.35 करोड़ हो जाएगी। यह लाखों लोगों की आजीविका का बड़ा जरिया है, लेकिन दूसरा पहलू भी है। अध्ययन बताते हैं कि घर-घर सामान पहुंचाने वाले और राइड हेलिंग कंपनियों के ड्राइवर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये ही कमाते हैं। अगर उनके काम के घंटों को देखें तो यह न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।

बिना वेतन काम

महिलाओं के लिहाज से तस्वीर और चिंताजनक है। श्रम बल भागीदारी में महिलाओं की तादाद 2017-18 के 23.3% से बढ़कर 41.7% हो गई है, जिसे तरक्की कहा जा सकता है। लेकिन, इस वृद्धि में बड़ा योगदान ग्रामीण महिलाओं के बिना वेतन वाले पारिवारिक काम का है। चार साल में खुद का काम करने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 53.4% से बढ़कर 65.3% हुई, जबकि बिना वेतन वाले पारिवारिक काम की हिस्सेदारी 30.8% से बढ़कर 37.5%। ग्रामीण भारत में अब 40% से ज्यादा कामकाजी महिलाएं ऐसे बिना वेतन वाले काम में मददगार हैं।

समस्या दूसरी

इन बातों का यह अर्थ कतई नहीं है कि गिग इकॉनमी खराब है। इसने लाखों लोगों को कमाई का नया जरिया देने के साथ काम करने की आजादी और युवाओं के लिए नए मौके भी खोले हैं। इसलिए, इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है, लेकिन बिना सोचे इसकी तारीफ करना भी सही नहीं होगा। असल समस्या तब है जब इसे कम रोजगार की समस्या का पूरा समाधान मान लिया जाए और इसकी बढ़ती संख्या को सबूत समझ लिया जाए कि समस्या खत्म हो गई है।

सफलता का पैमाना

सही रास्ता रोजगार को औपचारिक बनाना है। भारत में इसका ढांचा मौजूद है। कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 ने पहली बार गिग और प्लैटफॉर्म वर्कर्स को कानूनी पहचान दी और एक्सीडेंट कवर, हेल्थ बेनिफिट और बुढ़ापे की सुरक्षा का रास्ता बनाया। प्लैटफॉर्म वर्कर्स को कॉन्ट्रैक्ट, प्रॉविडेंट फंड, इंश्योरेंस और औपचारिक पे-रोल से जोड़ना होगा। रोजगार की सफलता भी इसी से मापनी चाहिए।

सही तस्वीर जरूरी

भारत को जनसांख्यिकीय फायदा सिर्फ कम बेरोजगारी दर से नहीं मिलेगा। जब तक काम की सही तस्वीर सामने नहीं आती और उसे बेहतर बनाने के लिए कानून नहीं बनते, 3.2% का आंकड़ा संकट को सिर्फ छिपाएगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 27 October 2026
नई दिल्ली: भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। लेकिन भारत भारी मात्रा में रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का निर्यात करता है। इस फाइनेंशियल ईयर में अप्रैल-सितंबर…
 27 October 2026
नई दिल्ली: अगर कुछ नया करने का जुनून हो, तो सीमित संसाधन भी रास्ता नहीं रोक सकते। उत्तराखंड के रवि टम्टा इसका उदाहरण बन रहे हैं। उनके पास इंजीनियरिंग की…
 27 October 2026
इलॉन मस्क के AI प्लेटफॉर्म 'ग्रोक' ने फिल्म मेकिंग में एंट्री कर ली है। मस्क ने कुछ समय पहले दावा किया था कि वे साल के अंत तक एक फुल-लेंथ…
 27 October 2026
वॉशिंगटन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक पीबीसी अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की प्लानिंग कर रही है। इसके लिए कंपनी ने अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के पास आवेदन…
 27 October 2026
एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ की स्क्रीन में परेशानी आ रही है। फोन की अंदर की स्क्रीन के टूटने और क्रैक होने की शिकायतें आ रही हैं। एपल…
 27 October 2026
केदिवाली से पहले सोने-चांदी के दाम में गिरावट जारी है। आज यानी 26 अक्टूबर को भी इनके दाम में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10…
 27 October 2026
नई दिल्ली, माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया है। कंपनी ने इसके बदले ग्रेड के मुताबिक एक साल तक की सैलरी एकमुश्त देने की बात…
 26 October 2026
नई दिल्ली: 10 रुपये की चाय बेचकर भी बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है। काफी लोगों ने चाय के बड़े स्टार्टअप भी शुरू किए हैं। वहीं स्टॉल या दुकान…
 26 October 2026
नई दिल्ली: दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क ने भारत से बड़ी कमाई शुरू कर दी है। मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की…
Advt.