दिल्ली जिमखाना क्लब ने सरकार से दूसरी जगह जमीन मांगी

Updated on 26-05-2026 12:52 PM
नई दिल्ली, केंद्र सरकारी की 113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर बनाई गई जनरल कमेटी ने सोमवार को सरकार से अपील की है कि क्लब का कामकाज प्रभावित न किया जाए। कमेटी ने कहा कि अगर सरकार कब्जे की कार्रवाई आगे बढ़ाती है तो क्लब को दूसरी जगह जमीन दी जाए।

दरअसल, लुटियंस दिल्ली स्थित ऐतिहासिक क्लब पर करीब 48 करोड़ रुपए का ग्राउंड रेंट बकाया है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने सितंबर 2025, मार्च 2026 और अप्रैल 2026 में क्लब प्रबंधन को नोटिस भेजे थे।

अप्रैल में जारी आखिरी नोटिस में एक हफ्ते के भीतर बकाया राशि जमा करने को कहा गया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि भुगतान नहीं होने पर क्लब की 27.3 एकड़ जमीन वापस ले ली जाएगी। इसके बाद 22 मई को क्लब को 5 जून तक कैंपस खाली करने का ऑर्डर दिया है।

दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में हुई थी। 1913 में यह इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब नाम से शुरू हुआ था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया। मौजूदा भवन 1930 के दशक में बनाए गए थे।

क्लब बोला- 4 साल में वित्तीय हालत सुधारी

जनरल कमेटी ने कहा कि अप्रैल 2022 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश के बाद से वह क्लब का संचालन संभाल रही है। पिछले 4 साल में क्लब की प्रशासनिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

2021-22 में क्लब को 12.39 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, जबकि 2023-24 में 9.25 करोड़ रुपए के मुनाफे का अनुमान है। यह सुधार बिना नई सदस्यता बढ़ाए किया गया।

कमेटी ने यह भी कहा कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त सदस्य मानद आधार पर काम कर रहे हैं और उन्हें किसी तरह का वेतन या वित्तीय लाभ नहीं मिलता।

कमेटी के मुताबिक:

  • प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित किया गया।
  • अलग-अलग विभागों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू किए गए।
  • लंबित कानूनी मामलों और श्रम विवादों को कम किया गया।
  • सदस्यता रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम शुरू हुआ। 2022 में करीब 43% रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।

सदस्यों ने कार्रवाई को बताया अवैध

सोमवार को हुई बैठक में क्लब सदस्यों ने कब्जे की कार्रवाई को अवैध बताया। उनका कहना है कि उन्हें पहले बकाया और नोटिसों की जानकारी नहीं दी गई। सदस्यों ने कहा कि क्लब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी विरासत है। उन्होंने क्लब बंद करने की बजाय प्रशासनिक सुधार की मांग की।

जनरल कमेटी ने कहा कि क्लब को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा बनाने में भारी खर्च आएगा। इससे क्लब से जुड़े करीब 600 कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। क्लब को मौजूदा जगह पर बनाए रखने के लिए L&DO और शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है।

क्लब हाई-सोसायटी स्टेटस का प्रतीक

पिछले 113 सालों से यह क्लब हाई-सोसायटी स्टेटस का प्रतीक रहा है। यह क्लब लंबे समय से नौकरशाहों, सेना प्रमुखों, जजों, राजनेताओं, उद्योगपतियों और पुराने कारोबारी परिवारों का पसंदीदा अड्डा रहा है। यहां की सदस्यता को किसी बड़े सरकारी पद जितना प्रतिष्ठित माना जाता है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
नई दिल्ली: रक्षा सचिव राजेश सिंह ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया है कि यूरोप अब भारत में बने सैन्य उपकरणों के लिए एक फल-फूल रहा बाजार बन गया…
 24 October 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश भर के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे एक बार इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल सामानों का…
 24 October 2026
नई दिल्ली: भारत 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में 12 वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेजबानी करेगा। इस बैठक में रूस, ईरान, चीन, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात…
 24 October 2026
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट में अजीब-गरीब नामों…
 24 October 2026
नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली की अदालत में सुनवाई…
 24 October 2026
नई दिल्ली: शुक्रवार को जारी भारतीय सेना के नए सिद्धां में भविष्य के संघर्षों की तैयारी के लिए एक रूपरेखा दी गई है। इसमें अधिकारियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह स्वीकार किया है कि अस्पताल मरीजों से दवाओं और अन्य जरूरी सामानों के लिए बहुत अधिक MRP वसूलते…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: एनआरआई जोड़ों के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर होने वाले विवाद अक्सर अंतरराष्ट्रीय कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में, जब…
 23 October 2026
नई दिल्ली: सूचना का अधिकार के तहत हुए हालिया खुलासे के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय ने चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर निर्वाचन आयो के आंतरिक कामकाज में दखल देने से इनकार…
Advt.