देश की सबसे बड़ी बैंकिंग डील! मिलिए प्रेम वत्स से जो बनने जा रहे हैं IDBI बैंक के नए मालिक

Updated on 15-07-2026 02:37 PM
नई दिल्ली: सरकार की काफी कोशिशों के बाद आईडीबीआई बैंक आखिरकार बिकने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इसके लिए कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के ऑफर को मंजूरी दे दी है और कभी भी इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। यह डील 5.5 अरब डॉलर यानी करीब 53,000 करोड़ रुपये की हो सकती है। इस तरह भारत के बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा। फेयरफैक्स की भारतीय यूनिट के पास अभी CSB बैंक में 40% हिस्सेदारी है। फैयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ भारतीय मूल के प्रेम वत्स हैं। एक नजर उनके करियर पर।
वत्स का जन्म 5 अगस्त 1950 को हैदराबाद में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने 1971 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। इसके बाद वह व्यापक अवसरों की तलाश में कनाडा चले गए। वहां उन्होंने वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। इस शिक्षा ने उन्हें एक ऐसा करियर शुरू करने में मदद की जिसने उन्हें कनाडा की प्रमुख वित्तीय हस्तियों में शामिल कर दिया। आज फेयरफैक्स का मार्केट कैप 5310.26 कैनेडियन डॉलर है।

प्रेम वत्स की सफलता की कहानी

फाइनेंस में वत्स का सफर साल 1974 में कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के साथ शुरू हुआ। वहां उन्होंने स्टॉक पोर्टफोलियो को मैनेज किया और निवेश पर रिसर्च की। यही वजह जगह थी जहां उन्होंने फाइनेंस और इंश्योरेंस इंडस्ट्री की बारीकियां सीखीं। इस कंपनी में कुछ साल काम करने के बाद उन्होंने इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए हैम्ब्लिन वत्स इन्वेस्टमेंट काउंसिल लिमिटेड की स्थापना की। साल 1985 में उन्होंने फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की स्थापना की।वत्स की निवेश की शैली और रणनीति अमेरिका के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की तरह है। यही वजह है कि उन्हें कनाडा का वॉरेन बफे कहा जाता है।
भारत में भी उनकी कंपनी ने बड़ा निवेश किया है। CSB बैंक के अलावा आईआईएफएल कैपिटल में भी उसकी हिस्सेदारी है। इसके अलावा बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में भी फेयरफैक्स की बड़ी इक्विटी हिस्सेदारी है। भारत के अलावा नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में भी कंपनी ने निवेश किया है।

प्रेम वत्स की कितनी है नेटवर्थ?

फोर्ब्स के मुताबिक वत्स की नेटवर्थ लगभग 2.6 अरब डॉलर यानी लगभग 25,000 करोड़ रुपये है। वह कनाडा के सबसे अमीर भारतीयों में शामिल हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से शुरुआत करने वाले वत्स की सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्हें कनाडा में ही नहीं बल्कि भारत में भी काफी सम्मान से देखा जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
 31 July 2026
मुंबई: गुजरात की एक एफएमसीजी कंपनी है गोकुल एग्रो रिसोर्सेज (Gokul Agro Resources)। इसके शेयर गुरुवार को ट्रेडिंग शेसन के दौरान NSE पर 7% से ज़्यादा चढ़ गए। विभिन्न तरह…
 31 July 2026
नई दिल्ली: मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र…
 31 July 2026
अगस्त का महीना अपने साथ कई बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत, विंडफॉल टैक्स, ITR डेडलाइन, क्रेडिट कार्ड…
 30 July 2026
नई दिल्ली: रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई ने पिछले शुक्रवार को करीब $7 बिलियन बाजार में झोंके। यह कई महीनों में एक दिन में किया गया सबसे…
Advt.