स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी... केंद्रीय दल के दौरे से पहले भोपाल की 80 गलियों का कायाकल्प, बच्चों के लिए बनेंगे गेम जोन

Updated on 11-05-2026 06:03 PM

भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहर की स्वच्छता की जांच करने के लिए केंद्रीय दल अगले सप्ताह शहर में आ सकता है। सर्वेक्षण टीम के आने की संभावना को देखते हुए निगम ने सभी जोन में सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए शहर की करीब 80 संकरी और पिछली गलियों को साफ-सुथरा और आकर्षक सार्वजनिक स्थानों में बदला जाएगा। शहर की स्वच्छता के हाल देखने के लिए आने वाली टीम इस बार सिर्फ हिस्सों में नहीं, बल्कि शहर के सभी 85 वार्डों में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसको देखते हुए निगम प्रशासन ने भी कमर कस ली है और निगम प्रशासन शहर की उपेक्षित पिछली गलियों को नई पहचान देने में लगा हुआ है।

कचरा घर नहीं, बच्चों के खेलने की जगह बनेंगी गलियां

इनमें से कई गलियां तो ऐसी हैं, जहां आसपास के रहवासी ही कचरा फेंक देते हैं। ऐसे में अब इन गलियों की दशा को सुधारा जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि शहर की 80 पिछली और संकरी गलियों में अब तक 50 से अधिक गलियों का कायाकल्प किया जा चुका है। इन गलियों में तीन रंग के कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं, दीवारों के साथ ही सड़क पर पेंटिंग बनाई जा रही हैं। साथ ही पौधारोपण और सुंदरीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। सड़कों पर बनाई जाने वाली पेंटिंग में सांप-सीढ़ी और लूडो जैसे गेम्स की आकृतियां बनाईं जा रही हैं, ताकि यह गलियां कचरा फेंकने की जगह न रह कर बच्चों के खेलने की जगह बन सकें।

आयुक्त की सख्त चेतावनी: लापरवाही पर होगी कार्रवाई

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन खुद सफाई अभियान की मॉनिटरिंग कर रही हैं और लगातार सुबह विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट (सीटीयू) में गंदगी या खराब सफाई व्यवस्था मिली, तो संबंधित सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई निरीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक से पहले आयुक्त ने शहर के कई इलाकों का निरीक्षण कर नोडल अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए। नगर निगम ने 21 जोन के अंतर्गत आने वाले सभी 85 वार्डों में विशेष निगरानी टीमें तैनात की हैं। सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए करीब 106 अधिकारियों और कर्मचारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन होने पर पुरस्कार सीधे जमीनी स्तर पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को दिए जाएंगे। पहले यह प्रोत्साहन राशि सलाहकार एजेंसियों और गैर सरकारी संगठनों को मिलती थी। निगम का मानना है कि इससे सफाई कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। - संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम


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