कॉलेजों में शुरू होगी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई, बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधार

Updated on 16-04-2026 12:45 PM

रायपुर,छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।  इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इसी क्रम में बुधवार को रायपुर स्थित होटल बेबिलोन में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप देने हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे और डायरेक्टर श्रीमती संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।  आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”  बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।   परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू होगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 26 April 2026
सारंगढ़ बिलाईगढ़। आंगनबाड़ी केंद्र कोतरी में पोषण पखवाड़ा 2026 का समापन कार्यक्रम विगत दिवस किया गया। इस अवसर पर ईसीसीई कार्यक्रम, पालक सम्मेलन, गोद भराई, अन्नप्राशन, न्योता भोज एवं आधार पंजीयन…
 26 April 2026
उत्तर बस्तर कांकेर। जिला बाल संरक्षण इकाई को प्राप्त सूचना के आधार पर ब्लॉक भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत तुएगहन, थाना कोरर क्षेत्र में प्रस्तावित बाल विवाह पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई…
 26 April 2026
दुर्ग, कलेक्टर  अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में आज जिले भर में ’विश्व मलेरिया दिवस’ के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।…
 26 April 2026
दुर्ग, आगामी नेशनल लोक अदालत को अधिकतम सफल एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के…
 26 April 2026
कोरबा। कलेक्टर  कुणाल दुदावत के निर्देशन में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर  ओंकार यादव ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतरई…
 26 April 2026
गरियाबंद। जिले में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जल संचयन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय महाभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर  बी.एस. उइके ने…
 26 April 2026
धमतरी। जिले के बीसीएस पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय “युवा फेस्ट-2026” के दूसरे दिन आज उत्साह, रचनात्मकता और युवा ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य…
 26 April 2026
धमतरी। जिले में आयोजित युवा फेस्ट में विभिन्न महाविद्यालयों, संस्थाओं और विभागों द्वारा युवाओं को एक ही मंच पर ज्ञान, नवाचार और करियर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास किया…
 25 April 2026
राजनांदगांव। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम महरूम के आयुष्मान आरोग्य मंदिर-आयुष में प्रतिदिन योगाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण योगाभ्यास में शामिल हो रहे है।  इसी क्रम…
Advt.