मोहन सरकार का मेगा प्लान: हर जिले को उद्योग, हर परिवार को रोजगार और युवाओं को अवसर

Updated on 15-06-2026 12:14 PM
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां स्थापित करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य हर जिले में उद्योग, हर परिवार को रोजगार और हर युवा को अवसर उपलब्ध कराना है।रविवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘समृद्ध एमएसएमई–विकसित मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है। मध्य प्रदेश को स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी का सम्मान मिला है और सरकार हर जिले में कम से कम एक इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

ढाई साल में 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी ढाई वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही 60 नए औद्योगिक क्षेत्र एवं क्लस्टर विकसित किए जाएंगे तथा छह हजार से अधिक भू-खंड नए उद्यमियों को आवंटित किए जाएंगे।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सब्सिडी आधारित प्लग-एंड-प्ले को-वर्किंग स्पेस भी विकसित किए जाएंगे, जिससे स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

900 इकाइयों को मिली प्रोत्साहन राशि

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 900 एमएसएमई इकाइयों को 360 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की। इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक की लंबित देयताओं का भुगतान भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न मदों में सहायता राशि भी जारी की, जिसमें-
- 6 ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) इकाइयों को 2.02 करोड़ रुपये,
- विशेष पैकेज के तहत 1.07 करोड़ रुपये मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति,
- 11 इकाइयों को 3.69 करोड़ रुपये विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण स्वीकृति, भू-आवंटन पत्र और स्टार्टअप नीति-2025 के अंतर्गत हितलाभ भी वितरित किए गए।

उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी विधानसभाओं में कम से कम एक एमएसएमाई सेंटर विकसित किया जाएगा।
लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले ढाई साल में औद्योगिक विकास को तेज गति प्रदान की है।
सारवा फोम इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने कहा कि हमने भोपाल में फोम बनाने की एक छोटी यूनिट से शुरूआत की थी। आज देश के पांच राज्यों में हमारी इकाइयां हैं और अब यूके में भी एक इकाई खुलने जा रही है।

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