कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थीं लक्ष्मनिया दीदी, आज गांव में डिजिटल सेवाओं की बनीं पहचान
Updated on
31-08-2026 12:32 PM
रायपुर। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित जिंदगी जीने वाली सूरजपुर जिले के मसीरा गांव की श्रीमती लक्ष्मनिया दीदी ने आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल कायम की है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए कोई अलग पहचान बनाने की कल्पना करने वाली लक्ष्मनिया दीदी आज न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि गांव में डिजिटल सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। अपनी मेहनत और शासन की योजनाओं से मिले अवसरों के बूते वे लखपति दीदी बन चुकी हैं। लक्ष्मनिया दीदी की यह सफलता महिला सशक्तिकरण की उस तस्वीर को सामने लाती है, जिसमें अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से मिले अवसरों ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी। बैंक मित्र से बीसी सखी तक का सफर वर्ष 2021 में लक्ष्मनिया दीदी ने बैंक मित्र के रूप में अपने कार्यजीवन की शुरुआत की। दो वर्षों तक बैंक मित्र के रूप में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2023 में उन्होंने बीसी सखी की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने बैंकिंग सेवाओं को गांव के लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ क्लस्टर के माध्यम से वृक्षारोपण जैसे कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता निभाई। धीरे-धीरे घर की सीमाओं से बाहर निकलकर काम करने का उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह मजबूत होती गई। गांव में ही मिल रही हैं डिजिटल सेवाएं आज लक्ष्मनिया दीदी का अपना सीएससी सेंटर है। उनके सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को नगद निकासी एवं जमा, खाता खोलने, एग्रीस्टैक, पीएम किसान, बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज सहित विभिन्न डिजिटल सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं।पहले इन सेवाओं के लिए ग्रामीणों को भैयाथान या बसदेई जाना पड़ता था। अब लक्ष्मनिया दीदी के प्रयासों से ग्रामीणों को अपने गांव में ही जरूरी बैंकिंग और डिजिटल सुविधाएं मिल रही हैं। इससे ग्रामीणों के समय और आने-जाने के खर्च की भी बचत हो रही है। मेहनत से पूरे किए अपने सपने आत्मनिर्भरता ने लक्ष्मनिया दीदी को केवल आर्थिक मजबूती ही नहीं दी, बल्कि उनके सपनों को भी पूरा करने का आत्मविश्वास दिया। अपनी कमाई से उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीदी और अपना पक्का मकान बनवाया। बीसी सखी के रूप में आगे बढ़ने के लिए शासन से मिले सहयोग, शून्य प्रतिशत ब्याज पर 60 हजार रुपये की सहायता, बैंक लिंकेज और क्लस्टर के माध्यम से कम ब्याज दर पर प्राप्त ऋण ने उनके आर्थिक सफर को मजबूती प्रदान की।
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों, टीएल मामलों, जनशिकायतों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा…
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की 25 वर्षों की जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण की यात्रा के प्रति सम्मान, आभार और स्नेह व्यक्त करने के लिए 17 सितंबर को शाम 7…
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन अवसर पर मंगलवार को संवत्सरी महापर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों…
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…
बिलासपुर । शहर की रहने वाली श्रीमती गंगा साहू के जीवन में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित ’’दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’’ ने सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना का…
बिलासपुर । जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय सेवा के कार्यों में सहयोग के उद्देश्य से राइस मिल एसोसिएशन, बिलासपुर द्वारा जिला रेडक्रॉस सोसायटी को 5 लाख रुपए की सहयोग राशि…
बिलासपुर । उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज वीसी के जरिए बिलासपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने…
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं…
रायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को अटल नगर नवा…