रिश्तेदारों के 12 लाख अपने अकाउंट में जमा करना पड़ा भारी, इनकम टैक्स से मिला नोटिस, ITAT का बड़ा फैसला

Updated on 08-07-2026 02:24 PM
नई दिल्ली: कई बार कोई दोस्त या रिश्तेदार किसी कारण के चलते अपना पैसा हमारे बैंक अकाउंट में जमा करवा देता है। या कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि किसी दूसरे शख्स की रकम हमें अपने बैंक अकाउंट में जमा करवानी पड़ जाती है। अगर आप भी अपने बैंक अकाउंट में किसी दूसरे शख्स की रकम जमा कर रहे हैं या करवा रहे हैं तो इस बात का पुख्ता सबूत अपने पास जरूर रखें कि वह रकम आपकी नहीं है। नहीं तो आप इनकम टैक्स के चक्कर में पड़ सकते हैं। ऐसा ही घटना एक व्यापारी के साथ हुई है। मामला आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) तक पहुंचा, जहां से उसे राहत मिली।

जानें पूरा मामला

यह पूरा मामला कर्नाटक के एक छोटे बिजली व्यापारी रमजान मुल्ला से जुड़ा है। साल 2016 में जब नोटबंदी हुई, तो उन्होंने अपने बैंक खातों में कुल 20.99 लाख रुपये जमा किए थे। रमजान के मुताबिक इस पैसे के दो हिस्से थे:
  • 8.73 लाख रुपये उनकी दुकान की नकद बिक्री यानी कमाई का पैसा था।
  • 12.26 लाख रुपये उनके पांच बुजुर्ग रिश्तेदारों के थे। ये पुराने यानी नोटबंदी में बंद होने वाले नोट थे। उन बुजुर्गों के पास या तो बैंक खाता नहीं था या वे खुद बैंक जाने में असमर्थ थे। इसलिए उन्होंने पुराने नोट बदलने के लिए रमजान को दिए थे।

इनकम टैक्स से मिला नोटिस

चूंकि रमजान छोटे व्यापारी हैं और सरकार की प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम (धारा 44AD) के तहत टैक्स भरते हैं। इसलिए उन्हें रोजमर्रा का पूरा बही-खाता रखने की जरूरत नहीं थी। फिर भी, अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने सेल्स रजिस्टर, वैट रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और अपने उन पांचों रिश्तेदारों के लिखित शपथ पत्र (एफिडेविट) आयकर विभाग को सौंपे।

आयकर अधिकारी (AO) इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उनका मानना था कि कोई भी व्यक्ति अपने रिश्तेदारों के पुराने नोट अपने खाते में जमा नहीं कर सकता। विभाग ने रमजान के सभी सबूतों को खारिज करते हुए पूरे 20.99 लाख रुपये को 'अघोषित आय' मान लिया और भारी टैक्स का नोटिस थमा दिया।

आईटीएटी ने सुनाया बड़ा फैसला

जब रमजान ने इसके खिलाफ अपील की, तो बड़े अधिकारियों (CIT-A) ने थोड़ी राहत देते हुए बिजनेस के आधे पैसे को तो सही माना, लेकिन रिश्तेदारों के पूरे 12.26 लाख रुपये पर टैक्स के फैसले को सही ठहराया।

इसके बाद यह मामला टैक्स कोर्ट यानी ITAT के पास पहुंचा। कोर्ट ने रमजान के सभी दस्तावेजों जैसे वैट रिटर्न और रिश्तेदारों के शपथ पत्रों को सही पाया। कोर्ट ने रमजान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाई गई पूरी टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
 31 July 2026
मुंबई: गुजरात की एक एफएमसीजी कंपनी है गोकुल एग्रो रिसोर्सेज (Gokul Agro Resources)। इसके शेयर गुरुवार को ट्रेडिंग शेसन के दौरान NSE पर 7% से ज़्यादा चढ़ गए। विभिन्न तरह…
 31 July 2026
नई दिल्ली: मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र…
 31 July 2026
अगस्त का महीना अपने साथ कई बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत, विंडफॉल टैक्स, ITR डेडलाइन, क्रेडिट कार्ड…
 30 July 2026
नई दिल्ली: रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई ने पिछले शुक्रवार को करीब $7 बिलियन बाजार में झोंके। यह कई महीनों में एक दिन में किया गया सबसे…
Advt.