गाजियाबाद के ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ मठ में CM योगी ने किया जलाभिषेक, हर-हर महादेव से गूंज उठा पूरा मंदिर

Updated on 18-07-2026 01:38 PM
गाजियाबाद: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय गाजियाबाद दौरे के दूसरे दिन शनिवार सुबह प्राचीन दूधेश्वरनाथ महादेव मठ पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में गुरुकुल वेद विद्यापीठ के विद्यार्थियों से मुलाकात की। महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की तथा निर्माणाधीन दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर के कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया। इस दौरान महंत नारायण गिरी ने मुख्यमंत्री का पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंदिर में पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान दूधेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने गुरुकुल के छात्रों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान सीएम ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और दूधेश्वरनाथ कॉरिडोर के निर्माण की प्रगति पर भी विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर महंत नारायण गिरी, शहर विधायक संजीव शर्मा, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर और डीएम रविन्द्र कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

हर हर महादेव के नारों से गूंजा मंदिर परिसर

मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचते ही पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री राम' के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसका मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार करते हुए जवाब दिया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से मंदिर तक जीटी रोड पर उनके काफिले के गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए यातायात रोका गया, जिससे दिल्ली गेट और हापुड़ तिराहे पर पीक आवर में कुछ देर के लिए जाम लग गया। मंदिर से निकलने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए बुलंदशहर रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया।


दूधेश्वरनाथ का पौराणिक इतिहास

गाजियाबाद का प्राचीन दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर देश के प्रमुख शिव धामों में माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, त्रेतायुग में रावण के पिता महर्षि विश्रवा इस स्थान पर भगवान शिव की आराधना करने आते थे। बाद में शिवभक्त रावण ने भी यहां भगवान शिव की पूजा की। मंदिर की परंपरा के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। मान्यता है कि यह शिवलिंग लंबे समय तक धरती में दबा रहा और कलियुग में संवत 1511 (1454 ई.) में पुनः प्रकट हुआ। इसके बाद इस स्थान का महत्व लगातार बढ़ता गया। छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी यहां दर्शन-पूजन कर मंदिर के जीर्णोद्धार में योगदान दिया। आज सावन, महाशिवरात्रि तथा कांवड़ यात्रा के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। नामचीन खिलाड़ी, अभिनेता और विदेशों से भी शिवभक्त यहां भगवान दूधेश्वरनाथ का जलाभिषेक करने आते हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 October 2026
नई दिल्ली: रक्षा सचिव राजेश सिंह ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया है कि यूरोप अब भारत में बने सैन्य उपकरणों के लिए एक फल-फूल रहा बाजार बन गया…
 24 October 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश भर के सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे एक बार इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों और सर्जिकल सामानों का…
 24 October 2026
नई दिल्ली: भारत 26 और 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में 12 वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेजबानी करेगा। इस बैठक में रूस, ईरान, चीन, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात…
 24 October 2026
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट में अजीब-गरीब नामों…
 24 October 2026
नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली की अदालत में सुनवाई…
 24 October 2026
नई दिल्ली: शुक्रवार को जारी भारतीय सेना के नए सिद्धां में भविष्य के संघर्षों की तैयारी के लिए एक रूपरेखा दी गई है। इसमें अधिकारियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह स्वीकार किया है कि अस्पताल मरीजों से दवाओं और अन्य जरूरी सामानों के लिए बहुत अधिक MRP वसूलते…
 23 October 2026
अमित आनंद चौधरी, नई दिल्ली: एनआरआई जोड़ों के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर होने वाले विवाद अक्सर अंतरराष्ट्रीय कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में, जब…
 23 October 2026
नई दिल्ली: सूचना का अधिकार के तहत हुए हालिया खुलासे के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय ने चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर निर्वाचन आयो के आंतरिक कामकाज में दखल देने से इनकार…
Advt.