असम की पहली महिला वित्त मंत्री, दूसरे टर्म में हिमंत बिस्व सरमा ने फिर दिया कैबिनेट, जानिए अजंता नियोग कौन

Updated on 12-05-2026 01:25 PM
गुवाहाटी : असम की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ चार अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, इस नए मंत्रिमंडल में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है अजंता नियोग। अजंता नियोग राज्य की एकमात्र महिला मंत्री हैं और उन्हें असम की राजनीति की सबसे अनुभवी महिला नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करते हुए गोलाघाट विधानसभा सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज की है।

अजंता पहले कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थीं, लेकिन 2020 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। पार्टी बदलने के बावजूद उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई और उन्होंने 2021 के बाद 2026 के चुनाव में भी शानदार जीत हासिल की।
वित्त मंत्री के तौर पर किया बेहतरीन काम

नई सरकार में अजंता नियोग की भूमिका इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछली सरकार में उन्होंने राज्य की वित्त मंत्री के रूप में काम किया था। इसी के साथ वह असम की पहली महिला वित्त मंत्री भी बनी थीं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और मजबूत राजनीतिक पकड़ के कारण उन्हें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की टीम का अहम चेहरा माना जाता है।

दिग्गज राजनीतिक परिवार से आती हैं अजंता

अजंता नियोग का जन्म 1964 में गुवाहाटी में हुआ था। उनका संबंध एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से है। उनकी मां रेबती दास भी विधायक रह चुकी हैं और उन्होंने जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उनके पति भी राजनीति से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक माहौल में पली-बढ़ीं अजंता ने शिक्षा के क्षेत्र में भी शानदार उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी और एलएलएम की डिग्रियां प्राप्त कीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत शुरू की और एक सफल अधिवक्ता के रूप में पहचान बनाई।

पहली बार 2001 में बनीं विधायक

अगर उनके राजनीतिक सफर की बात करें, तो इसकी शुरुआत साल 2001 में हुई, जब वह पहली बार गोलाघाट विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2006, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में लगातार जीत दर्ज की। खासतौर पर 2011 का चुनाव उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा, जब उन्होंने 46 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।

लगातार छठवीं बार जीतकर बनीं हैं विधायक

साल 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का उनका फैसला असम की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया। लोगों का मानना है कि उनके भाजपा में आने से पार्टी को राज्य में महिला नेतृत्व और संगठन, दोनों स्तरों पर मजबूती मिली। 2021 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने यह साबित कर दिया कि जनता का भरोसा अब भी उनके साथ कायम है। अब 2026 में लगातार छठी जीत और दोबारा मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद अजंता नियोग का राजनीतिक कद और बढ़ गया है।

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