ईरान युद्ध के बीच अमेरिका की तरफ बढ़ रहे 60 बड़े टैंकर, इतिहास में पहली बार हो रहा ऐसा
Updated on
27-04-2026 06:04 PM
नई दिल्ली: ईरान युद्ध से कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही बंद होने के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है। इसे इतिहास के सबसे बड़ा तेल संकट माना जा रहा है। इस बीच अमेरिका से तेल के एक्सपोर्ट में काफी तेजी आई है। ईरान युद्ध के बाद से अमेरिका से कच्चे तेल का निर्यात रोजाना 2.5 मिलियन बैरल बढ़ गया है। अमेरिका की तेल कंपनियों के लिए यह साल सबसे प्रॉफिटेबल होने जा रहा है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। दुनिया में अमेरिकी तेल की डिमांड बढ़ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 से अधिक क्रूड ऑयल टैंकर अमेरिका की तरफ बढ़ रहे हैं। अमेरिका के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब इतनी बड़ी संख्या में कंटेनर तेल लेने के लिए अमेरिका आ रहे हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका ने रोजाना 12.9 मिलियन बैरल कच्चे तेल का निर्यात किया। यूएस ऑयल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट रेकॉर्ड 8.1 मिलियन बैरल पहुंच गया है। जनवरी 2022 से अमेरिका से एक्सपोर्ट होने वाला क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम का एक्सपोर्ट दोगुना हो चुका है।
एशिया-यूरोप में हाहाकार
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से खासकर एशियाई और यूरोपीय देशों में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल इसी रास्ते गुजरता है। लेकिन सप्लाई बंद होने के कारण खासकर एशिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग शुरू हो गई है। अस्पतालों में मेडिकल सप्लाई का संकट खड़ा हो गया है। लोग प्लास्टिक बैग्स की होर्डिंग कर रहे हैं और फैक्ट्रीज में पैकेजिंग की भारी किल्लत हो गई है। इसी तरह यूरोप में भी कुछ ही हफ्तों का जेट फ्यूल रह गया है। यूरोपियन यूनियन ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए लोगों को घर से काम करने की सलाह दी है।
अमेरिकी कंपनियों की चांदी
ये देश एनर्जी के लिए वैकल्पिक स्रोतों को तलाश रहे हैं और अमेरिका की चांदी हो रही है। कच्चा तेल अभी 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल पर बना रहता है तो अमेरिका की बड़ी तेल कंपनियों को सालाना 100 अरब डॉलर का अतिरिक्त फायदा होगा। अमेरिका की तेल कंपनियों के लिए इससे बेहतर प्रॉफिटेबल कंडीशंस कभी नहीं रही। साफ है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी कंपनियां जमकर कमाई कर रही हैं।
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